जिले के आधा दर्जन से ज्यादा नवनिर्वाचित सरंपचों की चौधर पर खतरा मंडराने लगा है। शैक्षणिक योग्यता के बड़े प्रपंच के बाद हुए चुनाव में सभी सरपंचों के शिक्षित होने का दावा किया था लेकिन इनमें से 5 सरपंचों की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठ गए हैं। जबकि करीब 4 पर अन्य आरोप लगे हैं। शिकायतों के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो दो के मामलों की जांच भी लगभग पूरी हो चुकी है और अन्य की भी जांच जल्द पूरी होने की उम्मीद है। जांच में शिकायत सही पाई गई तो इन सरपंचों की चौधर हाथ से निकल जाएगी।
जनवरी माह में तीन चरणों में हुए पंचायत चुनावों के दौरान प्रदेश सरकार ने सरपंच व पंच के लिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए कई अन्य शर्तों के अलावा शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित की थी। इसी योग्यता पर खरा उतरने के लिए सभी प्रत्याशियों ने आवेदन के साथ ही प्रमाण पत्र भी लगाए थे। चुनाव संपन्न होने के उपरांत नई चौधर हासिल कर यह सरपंच अभी प्रशिक्षण भी पूरा नहीं ले पाए कि इनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर विभाग को शिकायतें मिलने लगी है। अभी तक पांच सरपंचों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को फर्जी होने के आरोप लगाए गए हैं। गांव के ही लोगों द्वारा दी गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने इनसे जिला उपायुक्त से अवगत करवाया है तो वहीं इन सभी की जांच एसडीएम को सौंपी गई। विभागीय जानकारी के अनुसार दो गांवों के सरपंचों की जांच रिपोर्ट भी एसडीएम ने पूरी कर ली है तो वहीं अन्य की जांच जल्द पूरी कर लिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि अभी तक प्रदेश के लगभग 40 नवनिर्वाचित सरपंचों के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करवाए जाने पर कार्रवाई की जा चुकी है।
इन सरपंचों पर लगाए फर्जी प्रमाण पत्रों के आरोप
इस्माईलाबाद में क्षेत्र का गांव जलबेहड़ा, अजमतपुर, शाहबाद के गांव छपरा व किश्रगढ़ तथा पिहोवा क्षेत्र के गांव अधोया शामिल हैं, जिनके नवनिर्वाचित सरपंचों के खिलाफ जिला विकास एंव पंचायत विभाग को लगभग एक माह पहले शिकायत दी गई। इनमें से छपरा व अजमतपुर से संबंधित जांच भी पूरी हो चुकी है, जिन्हें अब जिला उपायुक्त से पास भेज दिया गया है। इन शिकायतों में शैक्षणिक योग्यता के फर्जी प्रमाण पत्र दिए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
एक सरपंच पर जमीन कब्जाने व दूसरे के घर शौचालय न होने के आरोप
नवनिर्वाचित सरपंचों के खिलाफ शैक्षणिक योग्यता के अलावा अन्य आरोप भी लगाए जाने लगे हैं। बाबैन के सरपंच के खिलाफ पंचायती जमीन पर कब्जा किए जाने के आरोप लगाए हैं तो वहीं शाहाबाद के गांव गुमटी के सरपंच के घर शौचालय न होने के आरोप शिकायत में लगाए गए हैं।
विभाग के पास गांव धनानी व हमीरा फार्म के सरपंचों के खिलाफ भी शिकायतें आई, जिनमें फर्जी वोटों के आरोप लगाए गए। अभी इन मामलों की जांच भी विभाग की ओर से करवाई जा रही है।
क्या कहते है डीडीपीओ कपिल शर्मा
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कपिल शर्मा का कहना है कि पंाच सरपंचों की शिकायत फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिए जाने की आई, जिनकी एसडीएम के नेतृत्व में शिक्षा विभाग से भी जांच करवाई गई है। छपरा व अजमतपुर के मामले डीसी के पास भेज दिए गए हैं, जहां पर आरोपी सरपंचों को उपायुक्त अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा। पूरी सुनवाई के बाद उपायुक्त द्वारा अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अन्य तीन मामले की जांच रिपोर्ट भी आने के बाद उपायुक्त के पास भेजा जाएगा। उपायुक्त के समक्ष भी आरोप सही साबित हुए तो सरपंचों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें सरपंची से हटाया भी जा सकता है।