कुरुक्षेत्र। सुखमनी साहब की वाणी का जाप करती डॉ. ममता व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। भागदौड़ भरी जिंदगी में मन की शांति बहुत जरूरी है। व्यक्ति को ईमानदारी, दयाभाव व संयम से अपना कार्य करना चाहिए। सुखमनी साहब की वाणी जीवन पार करने वाली है। इसका श्रवण व पाठ करने मात्र से व्यक्ति का जीवन पार हो जाता है। व्यक्ति को जीवन में गुरु नानक देव की ओर से दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए नाम जपने, किरत करने व वंड चखने के सिद्धांत पर चलना चाहिए।
यह विचार डॉ. ममता सचदेवा ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव पर यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में आयोजित सुखमनी साहिब के पाठ में मुख्यातिथि के रूप में व्यक्त किए। स्कूल परिसर में पहुंचने पर स्कूल की वाइस चेयरमैन प्रो. सुनीता दलाल, प्रधानाचार्य डॉ. सुखविंदर सिंह ने उनका स्वागत किया। प्रधानाचार्य डॉ. सुखविंदर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
कुरुक्षेत्र। सुखमनी साहब की वाणी का जाप करती डॉ. ममता व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। सुखमनी साहब की वाणी का जाप करती डॉ. ममता व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। सुखमनी साहब की वाणी का जाप करती डॉ. ममता व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। सुखमनी साहब की वाणी का जाप करती डॉ. ममता व अन्य। विज्ञप्ति