संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए विद्यार्थी मोबाइल कैमरे का सहारा ले रहे हैं। ‘नया कुरुक्षेत्र, नई आवाज’ पहल के तहत कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला ‘कुरुक्षेत्र थ्रू माय लेंस’ के दूसरे दिन शनिवार को विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, प्रभावी प्रस्तुतीकरण और ऑडियो-विजुअल माध्यमों से जुड़ी बारीकियां सिखाई जाएंगी। कार्यशाला में करीब 50 चयनित विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों के जरिए कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार से जोड़ना है। इसके तहत विद्यार्थियों को मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग, स्क्रिप्ट लेखन, एडिटिंग, संचार कौशल और कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शुक्रवार को कार्यशाला के पहले दिन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), कुरुक्षेत्र के विशेषज्ञों और नवीन जिन्दल फाउंडेशन के कौशल विशेषज्ञों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से वीडियो निर्माण की तकनीक समझाई। विद्यार्थियों को ऐतिहासिक स्थलों की पहचान कर उनका आवंटन भी किया गया, ताकि वे संबंधित स्थलों पर आधारित वीडियो तैयार कर सकें। नवीन जिन्दल फाउंडेशन स्किल डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि सांसद नवीन जिन्दल का विजन युवाओं को तकनीकी ज्ञान और कौशल प्रशिक्षण देकर वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
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हर विद्यार्थी बनाएगा 2 से 5 मिनट का वीडियो
कार्यशाला के तहत प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को मोबाइल फोन से कुरुक्षेत्र के किसी ऐतिहासिक स्थल पर आधारित दो से पांच मिनट का वीडियो तैयार करना है। इसके लिए विद्यार्थियों को वीडियो रिकॉर्डिंग, स्क्रिप्ट लेखन, एडिटिंग और प्रभावी प्रस्तुतीकरण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता और डिजिटल कौशल को निखारने के साथ कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल मंच पर व्यापक पहचान दिलाना है।