कुरुक्षेत्र। छात्रों के हंगामे के चलते करीब एक सप्ताह पहले रद्द किए गए प्रतिभा खोज कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुतियों का आयोजन शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग की ओर से श्रीमद्भागवत सदन ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विधाओं में जलवा दिखाया। कार्यक्रम के अंतर्गत नृत्य प्रतियोगिता में आकाश प्रथम, जयंत ने द्वितीय और मायरा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह भाषण प्रतियोगिता में उपासना ने प्रथम, देवांशी द्वितीय और मनदीप कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मोनो एक्टिंग में ललित प्रथम, रवि ने द्वितीय और साहिबा ने तृतीय स्थान हासिल किया। वाद्य यंत्र में माधव प्रथम, गीता द्वितीय और मोहित कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। राजनैतिक भाषण प्रतियोगिता में तमन्ना शर्मा प्रथम, देवांशी द्वितीय और सान्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गायन में प्रथम विनित कुमार, तमन्ना शर्मा द्वितीय और अंजली ने तृतीय स्थान हासिल किया। नृत्य में आकाश प्रथम, जयंत ने द्वितीय और मायरा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मिमिक्री प्रतियोगिता में प्रथम मिनाक्षी कांत, द्वितीय कृष्ण कुमार व तृतीय स्थान वरुण सैनी ने प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी में स्मृति प्रथम, अद्वितीय दूसरे और नेहा तृतीय स्थान पर रही। वहीं पेंटिंग में निखिल प्रथम, साहिल कुमार द्वितीय और मुस्कान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
समारोह में मुख्यातिथि निट के निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी रहे, जिन्होंने कहा कि प्रतिभा प्रतियोगिताएं से छात्रों में सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है और इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जागृत होता है जो कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा का कार्य भी करता है। उन्होंने मंच से धार्मिक गीत भी गुनगुनाया जिसे सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए।
कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिभा खोज प्रतियोगिताएं बहुत जरूरी है। इन प्रतियोगिताओं के द्वारा ही छात्र में अनुशासन, सद्भावना, टीम वर्क, तर्कशक्ति व नेतृत्व जैसे गुणों को विकास होता है जो कि जीवन में सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र भी है। केडीबी तीर्थयात्रा निगरानी समिति के अध्यक्ष मदन मोहन छाबड़ा ने बतौर अतिथि कहा कि भारतीय संस्कृति में कला का स्थान सबसे ऊंचा है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में भगवान को प्रसन्न करने के लिए गायन और नृत्य कला को बड़ा सम्मान दिया जाता है।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शुचिस्मिता ने कहा कि प्रतिभा खोज कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं की प्रतिभा एवं कला को उचित पहचान दिलाना है ताकि वह जीवन में कला के माध्यम से जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि प्रतिभा खोज के अंतर्गत क्विज, स्पीच, पेंटिंग, मिमिक्री, मोनो एक्टिंग, गायन, वादन तथा नृत्य आदि में लगभग 500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिताओं के कोआर्डिनेटर की भूमिका डॉ. मीनाक्षी सुहाग और डॉ. हरविंद्र सिंह लोंगोवाल ने निभाई।
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...कार्यक्रम के दौरान दर्शक छात्रा हुई बेहोश, पहुंचाई अस्पताल
प्रतिभा खोज कार्यक्रम के चलते अचानक से दर्शकों के बीच बैठी एक छात्रा अचानक ही बेहोश होकर गिर पड़ी, जिससे कार्यक्रम में हड़कंप सा मच गया। आनन-फानन में यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर से एंबुलेंस बुलाई गई और छात्रा को उसमें हेल्थ सेंटर ले जाया गया। जहां डॉक्टर की मौजूदगी न होने पर एलएनजेपी सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज किया गया। उपचार के बाद उसे भेज दिया गया।