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Kurukshetra News: मार्केट कमेटी सचिव पर लगाए राइस मिलों से 40 लाख रुपये मांगे जाने के आरोप

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शाहाबाद। आढ़ती एवं आम आदमी पार्टी के नेता मान सिंह रतनगढ़ ने मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार मलिक पर राइस मिल संचालकों से 40 लाख रुपये मांगने के आरोप लगाए है। कार्यालय पर ही मीडिया के समक्ष मान सिंह रतनगढ़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि अभी कुछ दिन पूर्व आनन-फानन में मंडी बोर्ड के चेयरमैन आदित्य देवीलाल चौटाला को मंडी में बुलाकर मंडी से संबंधित कोई बात नहीं की गई, बल्कि राइस मिलर्स और मार्केट कमेटी के बीच केवल मिलीभगत करवाने का काम किया गया।
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मान सिंह ने राइस मिल मालिकों पर भी नमी के नाम पर किसानों को लूटने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बार धान के सीजन में काफी नमी वाला माल आ रहा है। गत वर्ष भी नमी को देखते हुए बाहर के जिले से रिलीज ऑर्डर आने के उपरांत शाहाबाद के राइस मिलर्स ने नमी वाला माल उठा लिया था।
उधर, अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्णजीत सिंह बिट्टू कालड़ा की अगुवाई में मंडी के आढ़तियों ने मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार मलिक से मुलाकात कर दूसरे जिलों से धान की खरीद के आरओ मंगवाने की मांग की। पत्रकारों से बातचीत में बिट्टू कालड़ा ने बताया की शाहाबाद अनाज मंडी में धान की अधिक आवक होने पर यहां हर बार दबाव की स्थिति रहती है। अगर दूसरे जिलों से धान की खरीद के आरओ आ जाते हैं तो किसान काफी मात्रा में अपनी फसल बेच पाएंगे और बाहर की मंडियों में कोई नमी कट न होने की वजह से किसानों को काफी सहूलियत होगी।
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मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार मलिक ने आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा मान सिंह रतनगढ़ को सायं काल कानूनी नोटिस भी थमा दिया गया है। सचिव ने कहा कि मानसिंह बे-बुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने किसी से एक रुपये की भी डिमांड नहीं की। सचिव ने कहा कि मान सिंह द्वारा राइस मिलर्स से 40 लाख रुपए की मांग करने को लेकर सबूत दें, अन्यथा वे कार्रवाई करेंगे।

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किसानों से लूट की बात गलत : वधवा
राइस मिल एसोसिएशन के प्रधान रोहित वधवा ने बताया कि सरकार द्वारा धान की नमी की मात्रा 17 प्वाइंट तय की गई है, लेकिन राइस मिलर्स 20 प्वाइंट नमी तक की धान ले रहे हैं। किसानों की समस्या देखते हुए तीन प्वाइंट ऊपर नमी की धान खरीदने में राइस मिलर्स को 66 रुपये प्रति क्विंटल का पहले ही नुकसान है। ऐसे में किसानों से लूट की बात करना गलत है। रोहित वधवा ने कहा कि राइस मिलर्स के इतने नुकसान में भी अगर कोई संतुष्ट नहीं है तो खरीद एजेंसियां स्वयं नमी की जांच करने के उपरांत धान की खरीद करके शैलरों में भेज दे तो भी उन्हें कोई एतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी के सचिव ने किसी शैलर संचालक से कोई पैसा नहीं मांगा है।
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