कुरुक्षेत्र। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में भारतीय ज्ञान संवहन कार्यक्रम के तहत ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री देशराज शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल एआई का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें एआई बनाने की दिशा में भी सोचना चाहिए।
संस्थान को मिले आईकेएस के तीसरे प्रोजेक्ट में 25 इंटर्न और विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट के काम के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध और अनुभव आधारित शिक्षा की जानकारी दी गई। महामंत्री देशराज शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि शिक्षा केवल कक्षा में जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसमें चिंतन, खोज, अनुभव, चरित्र और विद्यार्थी का समग्र विकास भी शामिल होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में भारत की जड़ों, आधुनिक विज्ञान और वैश्विक दृष्टि को साथ लेकर चलने की जरूरत है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं, जिनका उन्होंने समाधान किया। उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय नड्डा ने कहा कि शोध और प्रयोग के बिना शिक्षा केवल जानकारी याद करने तक सीमित रह जाती है। शिक्षा को वास्तविक जीवन से जोड़ना जरूरी है।