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विद्यार्थियों ने केयू प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

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केयू परिसर में बैठक करते छात्र संगठन के सदस्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। छात्र संगठन डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया के सदस्यों ने शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में बैठक की। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रहे पीएचडी के दाखिलों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। साथ ही न्याय की मांग उठाते हुए अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करने का एलान किया है।
अध्यक्ष प्रदीप ताहन ने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द समस्या का समाधान करें, जिससे विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं को दूर किया जाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में पीएचडी के दाखिले चल रहे हैं लेकिन कई विभागों में आरक्षण नीति लागू नहीं की। विश्वविद्यालय के प्रॉस्पेक्टस में दिए गए मापदंड के अनुसार मेरिट अधिक होने पर भी जिस वर्ग में विद्यार्थी ने नेट या जेआरएफ किया है, उसे उसी वर्ग में दाखिला दिया जा रहा है। यह आरक्षण नीति के विरुद्ध है।
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प्रदेशाध्यक्ष विनोद राठी ने कहा कि दिन-प्रतिदिन विश्वविद्यालयों की ओर से आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के हकों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कभी स्कॉलरशिप तो कभी बढ़ी हुई फीस को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे पढ़ाई भी बाधित हो रही है। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तब तक वे अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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मुख्य सलाहकार चेतन चौहान ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पीएचडी करना मुश्किल हो जाएगा। केयू प्रशासन पीएचडी में भेदभाव की नीति अपना रहा है। मांग है कि आरक्षण नीति सुचारु रूप से लागू होनी चाहिए ताकि सभी वर्गों को सामाजिक न्याय मिले। इस मौके पर रितु सासिका, अमित, विकास, आशीष, अंकित, रोहित, चेतन, विकास, मोनिका, रोहित सेन, मोनिका, टीना, सेंटी, विनोद, पिंकी आदि मौजूद रहे।
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