इसमें 48 वोल्ट की 4 बैटरियां लगी हुई हैं। इसको चार्ज होने में 6 से 8 घंटें का समय लगता है व एक बार फुल चार्ज होने के बाद 3 घंटे में 100 से 110 किमी तक चलने की क्षमता है। इस कार को 22 जनवरी को यूआईईटी पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ में होने वाली प्रर्दशनी में रखा गया। जिसमें इस कार पर विभिन्न परीक्षण किए गए जिसमें ब्रेक टेस्ट, कोस्ट टेस्ट, टेेक्निकल इंस्पेक्शन, स्टेटिक टेस्ट, डायनमिक टेस्ट, कोस्ट चेलेंज समेत अन्य टेस्ट शामिल रहे। इस कार को बनाने में 10 छात्रों व 2 फेकल्टी सदस्यों का योगदान रहा। इस कार को मेकेनिकल के विभागाध्यक्ष विजयेश राठी व सहायक प्रो. विनय शर्मा की देखरेख में बनाया गया।
इस कार को बनाने में छात्रों कमलदीप वत्स, राजिन्दर सिंह, निखिल सैनी, अश्वनी सैनी, विरेन्द्र, शिवांग गौर, अमित कौशिक, अंकित जिंदल, संदीप सैनी व गंधर्व बजाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. धर्मवीर मंगल ने बताया कि यह संस्थान के लिए बहुत खुशी की बात है। इस कार को बनाने में छात्रों को लगभग 18 महीनों का समय लगा व इस पर कुल 80000 खर्चा आया है जो कि छात्रों व संस्थान ने मिलकर वहन किया है। संस्थान के चेयरमैन राकेश गोयल, सहनिदेशक अखिल गर्ग, प्रेस सचिव अश्वनी गोयल ने टीम की सराहना की।