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Kurukshetra News: कॉलेजों में दाखिलों के लिए उत्साहित दिख रहे विद्यार्थी

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कुरुक्षेत्र। डॉ. रजनी गोयल।
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कुरुक्षेत्र। उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले को लेकर विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। दाखिलों के लिए आवेदन तिथि घोषित होने से पहले भी कई विद्यार्थी परीक्षा परिणाम घोषित होते ही ऑनलाइन फॉर्म भरने वाली दुकान पर चक्कर काटने लगे थे और हर दूसरे दिन उनसे संपर्क साधने लगे थे। अब तीन जून से 25 जून तक उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी, जिससे पहले विद्यार्थी अपने दस्तावेजों को पूरा करने में जुटे हुए हैं और जो विद्यार्थी किसी कारणवश पिछली बार दाखिला नहीं ले पाए थे, वे विद्यार्थी भी गैप सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेजों को पूरा करने में लगे हुए हैं।
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कॉलेजों की ओर से भी दाखिले के लिए अलग-अलग संकाय के लिए अलग कमेटी गठित की गई है। एनएसएस व एनसीसी के स्वयंसेवकों में भी उत्साह है। वह भी तीन जून से ही हेल्प डेस्क लगा रहे हैं और आवेदन करने में आने वाले विद्यार्थियों की सहायता करेंगे और अपने संस्थान के विषय व सीटों के बारे में बताएंगे। जिले के 14 काॅलेजों में करीब नौ हजार सीटों पर भी तीन जून से दाखिलों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी। उसके बाद तीन जून से 25 जून तक विद्यार्थी दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आइआइएचएस में दाखिलों के लिए 27 मई से पोर्टल खोल दिया गया है।

तीन चरणों में होगी काउंसलिंग
काउंसिलिंग के पहले चरण में दो जुलाई को पहली प्रोविजनल पहली मेरिट सूची लगेगी और तीन जुलाई को पहली फाइनल मेरिट सूची लगा दी जाएगी। चार से आठ जुलाई के बीच फीस जमा करने का समय दिया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में नौ जुलाई को दूसरी प्रोविजनल मेरिट सूची लगेगी और 10 जुलाई को फाइनल दूसरी मेरिट सूची लगाई जाएगी। उसके बाद 10 से 12 जुलाई के बीच का समय फीस जमा करने के लिए दिया जाएगा। तीसरे चरण में पहले दो चरणों में रह गए विद्यार्थियों की 15 जुलाई को फिजिकल काउंसलिंग होगी, जिसके बाद 16 जुलाई को पंजीकरण हेतु दाखिला पोर्टल फिर से खोला जाएगा। उसके बाद 16 से 22 जुलाई तक 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ रिक्त सीटों पर फिजिकल काउंसिलिंग होगी और फिर 24 से 31 जुलाई तक विलंब शुल्क और 100 रुपये प्रतिदिन के शुल्क के साथ रिक्त सीटों पर फिजिकल काउंसिलिंग की जाएगी।
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गृह विज्ञान विशेषज्ञ से जानिए गृह विज्ञान में शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों का भविष्य
इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज के गृह विज्ञान विभाग से डॉ. रजनी गोयल का कहना है कि गृह विज्ञान शिक्षा की वह शाखा है, जिसके अंतर्गत खाद्य एवं पोषण, वस्त्र एवं परिधान, गृह अर्थशास्त्र, उपभोक्ता विज्ञान, बच्चों की परवरिश, मानव विकास, आहार योजना, गृह निर्माण आदि अनेक विषयों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। स्नातक की डिग्री पाने के बाद विद्यार्थी 12वीं कक्षा किसी भी विषय से उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। स्नातक होम साइंस में करने के बाद विद्यार्थी पीजी में अपने रुझान के मुताबिक विषय का चयन कर सकता है। खाद्य पोषण और आहार विज्ञान विषय में पीजी करने वाले विद्यार्थी शिक्षक, पोषण सलाहकार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, अस्पताल में डाइटीशियन आदि में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
स्नातक के बाद भी विद्यार्थी स्वरोजगार स्थापित कर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं। पीजी के बाद विद्यार्थी नेट, जेआरफ तथा पीएचडी कर शिक्षक के तौर पर सेवाएं दे सकता है। वहीं डिजाइनिंग के विद्यार्थी सिलाई सेंटर, फैशन डिजाइनर, टेक्सटाइल डिजाइनर, फैशन स्टाइलिस्ट और वस्त्र गुणवत्ता नियंत्रक के क्षेत्र में कार्य कर सकते हैं। इस क्षेत्र में स्वरोजगार के अनेक अवसर हैं। मानव विकास और परिवार अध्ययन विषय में में पीजी करने वाले विद्यार्थी आंगनबाड़ी कर्मी, सुपरवाइजर, ग्रामसेविका, सीडीपीओ, प्रोग्राम ऑफिसर, मैरिज और चाइल्ड काउंसलर के तौर पर कार्य कर सकती है।
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