कुरुक्षेत्र। कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल को पेंटिंग भेंट करते विभागाध्यक्ष व अन्य सदस्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में बुधवार को तीन दिवसीय पेंटिंग कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कला प्रदर्शनियां विद्यार्थियों की रचनात्मकता को निखारने और युवा कलाकारों को प्रतिभा व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम होती हैं। विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और कलात्मक उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल छात्रों की कला को दर्शाती है बल्कि विश्वविद्यालय में कला और रचनात्मकता के लिए उपलब्ध सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण को भी प्रतिबिंबित करती है।
विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नए और मौलिक विचारों की खोज के लिए प्रेरित करना और अपने रचनात्मक कार्यों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत कर आत्मविश्वास बढ़ाना है। उन्होंने प्रदर्शनी को सफल बनाने में संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों की भी प्रशंसा की।
प्रदर्शनी में युवा कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से विभिन्न सामाजिक और दार्शनिक विषयों को उकेरा है। कलाकार आयुष ने अपनी पेंटिंग के जरिये वास्तविकता को एक स्थिर और अंतिम सत्य मानने की धारणा पर प्रश्न खड़े किए हैं। निखिल ने समकालीन युग में मनुष्य, मशीन और प्रकृति के बीच विकसित होते संबंधों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
यह कला प्रदर्शनी 28 से 30 जनवरी तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी। इस मौके पर डॉ. राकेश बानी, डॉ. आरके सिंह, डॉ. जया दरोंदे, डॉ. मोनिका सहित अन्य संकाय सदस्य और प्रतिभागी मौजूद रहे।