कुरुक्षेत्र। कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार के गेट को एबीवीपी के पटके से इस तरह किया बंद। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आईआईएचएस के छात्रों के लिए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। प्रशासन की ओर से परीक्षा फॉर्म देरी से जमा करने पर लगाए गए 10 हजार रुपये के जुर्माने के खिलाफ एबीवीपी ने कुलपति कार्यालय पर मंगलवार को आवाज उठाई और विरोध प्रदर्शन किया।
करीब पांच घंटे तक चले धरने के दौरान छात्रों ने कुलपति कार्यालय का गेट बंद कर दिया। कुलसचिव ने तीन बार छात्रों से बातचीत की लेकिन छात्र 100 रुपये से अधिक जुर्माना भरने पर तैयार नहीं हुए।
मजबूर होकर प्रशासन को छात्रों की मांग माननी पड़ी जिसके बाद जुर्माना घटाकर महज 100 रुपये कर दिया गया। इतना ही नहीं जिन छात्रों ने पहले ही 10,000 रुपये भर दिए थे, उनके रिफंड की मांग भी प्रशासन ने स्वीकार कर ली।
छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना समय पर सूचना दिए इतना बड़ा जुर्माना थोपना प्रशासन की गलती थी। उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र यादव ने कहा कि यह मामला प्रशासन की कम्युनिकेशन विफलता का परिणाम था।
उन्होंने कहा कि हम छात्रों के हित एवं उनके अधिकारों के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। इस मौके पर अध्यक्ष आदर्श चौहान, अनिरुद्ध राणा और जिला संयोजक शुभम शर्मा सहित अन्य छात्र नेता व विद्यार्थी मौजूद रहे।
कुलसचिव डॉ. विरेंद्र पाल का कहना है कि छात्रों के हित में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जुर्माना राशि कम की है।
कुरुक्षेत्र। कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार के गेट को एबीवीपी के पटके से इस तरह किया बंद। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार के गेट को एबीवीपी के पटके से इस तरह किया बंद। संवाद