कुरुक्षेत्र। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर टाबर उत्सव-2024 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नौंवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन प्रदेश के 22 जिलों के 22 सरकारी विद्यालयों में सुबह आठ से 11 बजे तक होगा। इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक मूर्तिशिल्प क्ले मॉडलिंग, रिलीफ एवं थ्रीडी स्कल्पचर्स आर्ट में हरियाणा संस्कृति पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। धर्मनगरी में टाबर उत्सव-2024 का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पिपली में किया जा रहा है।
उत्सव का उद्देश्य प्रदेश के होनहार छात्र-छात्राओं को मूर्ति शिल्प कला में अपनी प्रतिभा निखारने का मौका प्रदान करना है व राज्य में लुप्त हो रही मूर्तिकला के विकास के उद्देश्य के साथ-साथ राज्य में होनहार कलाकारों को सुमार्ग देना है।
कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों का इस उत्सव में हिस्सा लेने से रचनात्मक और कलात्मक विकास होगा। इससे विद्यार्थी भविष्य में कला प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूर्ति शिल्प प्रतियोगिताओं के बारे में भी जानेंगे। शिविर में विभाग द्वारा हरियाणा राज्य के विभिन्न जिलों से नियुक्त किए गए कलाकारों एवं सह कलाकारों द्वारा हर्ष एवं उत्साह के साथ सभी विद्यार्थियों को मूर्तिकला विधा में प्रयोग होने वाली सामग्री जैसे क्ले, पीओपी (अन्य माध्यम) व सामग्री आदि से लघु मूर्तिशिल्प को बना कर रंगों से हुनर भी सिखाए जाएंगे। आधुनिक मूर्तिकला के प्रचार-प्रसार हेतु यह शिविर अत्यंत सार्थक सिद्ध होगा। राज्य में लुप्त होती मूर्तिकला का विकास एवं विभिन्न माध्यमों में जैसे धातु, लकड़ी, पत्थर, पीओपी, टैराकोटा, कांच, वेल्डिंग, सिरेमिक, असेंबली आदि माध्यमों से भी अवगत करवाया जाएगा। कक्षाओं को प्रयोगात्मक व रोचक बनाने के लिए लाइव मॉडल डेमो से भी कार्य कराया जाएगा।
यह कार्यक्रम कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी उमा शंकर, शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. जी अनुपमा, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा के महानिदेशक मनदीप बराड़, शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, शिक्षा विभाग की अतिरिक्त निदेशक अमृता सिंह के मार्गदर्शन में कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल व कार्यक्रम अधिकारी (कल्चर) अमनप्रीत कौर की देखरेख में किया जा रहा है।