डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया (डासफी) छात्र संगठन ने राजस्थान के जालोर में नौ वर्षीय छात्र इंद्र के साथ हुई जातीय अत्याचार के विरोध में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद छात्र संगठन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग पर बढ़ रहे अत्याचारों पर रोक लगाने और अधिक कठोर कानून बनाने की अपील की।
डासफी के पूर्व अध्यक्ष पिंटू ने बताया कि बीते दिनों राजस्थान के स्कूल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना हुई। एक नौ वर्ष के बच्चे के साथ स्कूल में रखे मटके से पानी पीने पर इतना पीटा गया की इलाज के दौरान बच्चे की मृत्यु हो गई। पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है वही कुछ संकुचित मानसिकता के लोग आज भी जातिवादी मानसिकता से भरे हुए हैं। एक शिक्षण संस्थान में जातीय भेदभाव मानवीय मूल्यों के साथ अन्याय है।
शोधार्थी प्रियंका भारती व अशोक रंगा ने घटना को अमानवीय कृत्य बताया। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं होना हमें आज भी हमारे समाज की स्थिति को दर्शाती है कि आजादी के 75 वर्ष बाद देश में जाति भेदभाव खत्म नहीं हुआ है। संगठन के सदस्यों ने भारी रोष प्रकट करते हुए जमकर राजस्थान सरकार का विरोध किया। इस मौके पर साहिल, नवीन मनीष सैन, अनिल चौहान, कीमती लाल, आशीष, बलकार बौद्ध, किरणपाल, बलजीत, गौरव, संजीव, राहुल, गुरमीत, युवराज, विशाल, अभिषेक, मनीषा, ऋतु, रितिका, कोमल, शोभा व अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।