फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर राज्यस्तरीय छठ महापर्व आज, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी होंगे मुख्यातिथि

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो 5, 21
विज्ञापन


- पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर राज्यस्तरीय छठ महापर्व आज, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी होंगे मुख्यातिथि
- खरना के बाद शुरु हुआ निर्जला व्रत

- श्रद्धालु श्रद्धालु पवित्र ब्रह्मसरोवर में आस्था की डुबकी लगा देंगे सूर्य को संध्या अर्घ्य
संवाद न्यूज एजेंसी

कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में छठ पर्व पूरे जोश और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। व्रतियों ने बुधवार को खरना की रस्म पूरी की, जिसमें छठी मैया को गुड़ की खीर और रोटी का भोग लगाया गया और फिर इस प्रसाद को स्वयं भी ग्रहण किया, जिसके बाद व्रतियों का निर्जला व्रत शुरू हो गया है, जोकि अगले आठ नवंबर तक चलेगा। सात नवंबर को आज व्रती पवित्र ब्रह्मसरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगे। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में प्रमुख तीनों संस्थाएं मिलकर राज्यस्तरीय छठ महापर्व कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, जिसमें सात नवंबर को मुख्यातिथि तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शिरकत करेंगे। ब्रह्मसरोवर के तट पर विशेष कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटेंगे। आयोजन की तैयारियां देर रात तक जारी रही तो वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी तैयारियों का जायजा लिया।
पवित्र ब्रह्मसरोवर के चारों ओर छठ पर्व को लेकर मेले जैसा माहौल है। ब्रह्मसरोवर के बाहर खानपान के स्टॉल और धार्मिक सामग्री की दुकानें सज चुकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आनंद और भक्ति का समां बना हुआ है। इस उत्सव को भव्य रूप देने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी कड़ी निगरानी और व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया है। ब्रह्मसरोवर के किनारे बनाए गए घाटों की साफ-सफाई का ध्यान रखा गया है ताकि श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के अपनी आस्था को निभा सकें। व्रत से जुड़ी सामग्रियों जैसे- फल, गन्ना, ठेकुआ, सूप, और पूजा सामग्री की बिक्री में तेजी आई है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार भक्तों में छठ पूजा को लेकर गहरी आस्था देखने को मिल रही है। बाजार में रौनक और भी बढ़ गई है, जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में खरीदारी करने आ रहे हैं।
विज्ञापन


कल उषा अर्घ्य से संपन्न होगा छठ पर्व

आठ नवंबर को कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा के मुताबिक उषा अर्घ्य का समय सुबह छह बजकर 47 मिनट का है। छठ पूजा में सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास बहुत आवश्यक है। भगवान आपकी श्रद्धा और भावना को ही देखते है और उसके मुताबिक ही फल प्रदान करते हैं।




ये कलाकार करेंगे मंत्रमुग्ध

प्रसिद्ध कलाकार मालनी अवस्थी, काव्य कृष्णा मूर्ति, सन्नी कुमार सनिया, सिंटू पांडे, खुशबू राज व शुभम भास्कर अपनी कला से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करने का काम करेंगे।


छठ पूजा भक्तों को देता है यश और कीर्ति : डॉ. सुरेश मिश्रा
पिपली। कॉस्मिक एस्ट्रो के निदेशक व श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली के अध्यक्ष पंडित डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि छठ का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। छठ पूजा भक्तों को यश और कीर्ति प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि छठ पर्व के पौराणिक महत्व के मुताबिक भगवान श्री राम के अयोध्या आने के बाद भगवान श्रीराम और माता सीता ने रामराज्य की स्थापना के लिए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को उपवास रखा था और सूर्य देव की पूजा अर्चना की थी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि पौराणिक कथाओं में द्रौपदी ने भी पांच पांडवों के बेहतर स्वास्थ्य और सुखी जीवन लिए छठ व्रत रखा था और सूर्य की उपासना की थी, जिसके परिणाम स्वरूप पांडवों को उनको खोया राजपाट वापस मिल गया था। महाभारत के मुताबिक दानवीर कर्ण सूर्य के पुत्र थे और प्रतिदिन सूर्य की उपासना करते थे। सबसे पहले कर्ण ने ही सूर्य की उपासना शुरू की थी। वह प्रतिदिन स्नान के बाद नदी में जाकर सूर्य को अर्घ्य देते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें