कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यरत अनुबंधित शिक्षक एवं हरियाणा अनुबंधित शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया सचिव डाॅ. अभिनव ने प्रदेश सरकार से अनुबंधित शिक्षकों को 10 वर्षीय पाॅलिसी के तहत नियमित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले निदेशक हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा 23 जून 2020 को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालयों में अनुबंध के आधार पर कार्यरत प्राध्यापकों के लिए सेवा सुरक्षा लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था और 15 दिनों के अंदर आवश्यक कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया था, जिस पर चार अगस्त 2020 को पुन: रिमांइडर भेजा गया, जिससे पुन: इस मामले को लेकर आवश्यक कार्रवाई करके फिर से 15 दिनों का समय दिया था।
डाॅ. अभिनव ने कहा कि पिछले चार वर्ष बीतने के बाद भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलपति सहित प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों द्वारा इस मामले को लेकर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अनुबंधित शिक्षकों की महत्वपूर्ण शैक्षणिक सेवाओं को देखते हुए पुन: मांग पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ( नैक ) द्वारा गत दिनों कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ए़़ प्लस प्लस ग्रेड से नवाजा गया है, जिसमें अनुबंधित शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसे भविष्य में कायम रखने के लिए अनुबंधित शिक्षकों को उनका उत्तरदायित्व अधिक जिम्मेवारी के साथ सौंपना आवश्यक होगा, जिसके लिए अनुबंधित शिक्षकों को नियमित करना जरूरी होगा।
सरकार ने सात जुलाई 2014 को ग्रुप-सी, और ग्रुप-डी के अनुबंधित कर्मचारियों को 10 वर्षीय की पाॅलिसी के तहत नियमित करने का नोटिफिकेशन हरियाणा गजट में प्रकाशित किया था। इसी तर्ज पर हरियाणा के राज्य के विश्वविद्यालयों में अनुबंधित शिक्षक 10 वर्षों से अधिक से कार्य कर रहे हैं। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 50 से अधिक अनुबंधित शिक्षक लगभग 10 वर्ष या उससे ज्यादा का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, जिन्हें सरकार और प्रशासन से आशा है कि उनकी शैक्षणिक सेवाओं को देखते हुए नियमित किया जाएगा। महासचिव डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि पिछले कई वर्षों से प्रदेश सरकार के विधायकों, मंत्रियों को भी जिला स्तर पर कई-बार सेवा सुरक्षा एवं नियमित करने की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं।