कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर (कुटिक) में सॉफ्टवेयर आधारित स्टार्टअप के मूल्यांकन के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्टार्टअप का मूल्यांकन दो चरणों में किया गया जिसमें पहले आंतरिक टीम और उसके बाद विशेषज्ञों के पैनल की ओर से परीक्षण किया गया।
मूल्यांकन सत्र के दौरान विभिन्न स्टार्टअप ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। इनमें वन संरक्षण के लिए आईओटी आधारित डिवाइस, डिजिटल इन्वेंटरी व बिलिंग सॉफ्टवेयर, होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म, इवेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान प्रणाली जैसे विचार शामिल रहे। डीन इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता विकसित भारत की नींव हैं। नए विचार और तकनीक देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बना सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विशाल अहलावत (उप-समन्वयक, कुटिक), डॉ. विवेक (सदस्य पीएजी) और मनोज शर्मा (इन्क्यूबेशन कंसल्टेंट) सहित अन्य उपस्थित रहे।
पांच स्टार्टअप ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए
इस दौरान पांच स्टार्टअप ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। वनरक्ष कंपनी ने वन संरक्षण के लिए आईओटी आधारित डिवाइस का विचार रखा, जो जंगलों की निगरानी में सहायक हो सकता है। गल्ला डिजिटल ने इन्वेंटरी व बिलिंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर प्रस्तुत किया, जबकि एयरहोम स्टे ने होमस्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म का मॉडल दिखाया। एसजी वर्स ने इवेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सेफफ्रिज ने एस्क्रो आधारित सुरक्षित पेमेंट गेटवे का विचार साझा किया।