ओबीसी वर्ग के सरपंच की हत्या कर एक बार फिर खास बिरादरी के लोगों ने साफ कर दिया है कि वे किसी और बिरादरी की जीत और ऊंचा मुकाम बर्दाश्त नहीं कर सकते।
जींद के खेड़ी तलौडा में सरपंच की हत्या मामले पर कुरुक्षेत्र सांसद और ओबीसी ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने बुधवार को यह टिप्पणी की। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि खास बिरादरी से इस निर्मम हत्या का बदला 17 और 24 जनवरी को होने वाले चुनावों में लें।
जींद में नवनिर्वाचित ओबीसी सरपंच की हत्या मामले में सांसद ने प्रदेश सरकार और डीजीपी से मांग की है कि ओबीसी के जो सरपंच एक खास बिरादरी के खिलाफ जीते हैं उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
ये खास बिरादरी किसी की जीत बर्दाश्त करना तो क्या उससे जीने का हक भी छीन रहे हैं। सांसद ने बिना किसी समुदाय का नाम लिए कहा कि किसी भी व्यक्ति की मानसिकता उसे मिले संस्कार और आचरण पर निर्भर करती है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में अगले दो चरणों में जहां खास समुदाय के खिलाफ ओबीसी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं।
खास समुदाय के कैदी ही सबसे ज्यादा
सैनी ने कहा कि खास समुदाय चाहता है कि चीफ मिनिस्टर भी इनका हो, मंत्री भी इनके और पंच-सरपंच भी। प्रदेश में ज्यादा आपराधिक मामले इस खास समुदाय के खिलाफ ही दर्ज हैं।
रेप, हत्या, डकैती, हत्या की कोशिश जैसे जितने भी संगीन मामले हैं सभी में ये शामिल हैं। चाहे तिहाड़ जेल चले जाएं, अंबाला सेंट्रल जेल या हिसार सेंट्रल जेल यही किसी दूसरी जेल। इन जेलों में अधिकतर इस समुदाय के अपराधी बंद हैं।