कुरुक्षेत्र। शरद पूर्णिमा पर इस बार चंद्रग्रहण का साया रहेगा। जिसके चलते दिवाली पर्व पर कई राशियों के लोग मालामाल हो सकेंगे। मेष राशि में साल का यह आखिरी चंद्रग्रहण होगा, जो कि 28 अक्तूबर को लगेगा। चंद्रग्रहण रात आठ बजकर 44 मिनट से शुरू होगा और रात एक बजकर दो मिनट पर पूर्ण होगा। इस बार चंद्र ग्रहण के समय बन रहे कई शुभ योग के चलते ग्रहण का अशुभ प्रभाव कम रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक के अनुसार शरद पूर्णिमा पर वृष और मिथुन सहित चार अन्य राशियों के लोगों को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलेगा। वहीं ग्रहण के समय चंद्रमा भी मेष राशि में होगा और जबकि गुरु पहले से ही वहां विराजमान हैं। इस तरह गुरु और चंद्रमा मिलकर मेष राशि में गजकेसरी योग बना रहे हैं। तुला राशि में स्थित सूर्य, मंगल और बुध की शुभ दृष्टि भी इन पर रहेगी।
वहीं ग्रहण के शुरू होते ही सिद्ध योग भी लग जाएगा और शनि भी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में बैठकर शश नामक राजयोग बनाएंगे। जबकि सूर्य और बुध भी तुला राशि में बुधादित्य राजयोग बना रहे हैं। इन सभी शुभ योग के संयोग में लगने वाला चंद्र ग्रहण वृष और मिथुन सहित पांच राशियों के लिए बेहद फलदायी माना जा रहा है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर दो बजकर 52 मिनट से रात्रि दो बजकर 22 मिनट तक रहेगा।
दोपहर से शुरू होगा सूतक काल : पंडित रामराज कौशिक
ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर से शुरू होगा, यदि इस दिन खीर बनाकर जाती है तो वह दूषित हो जाएगी। सूतक काल के पूर्व आप खीर बना लेते हैं तो भी वह ग्रहण से दूषित होगी। उसे आप ग्रहण के बाद चंद्रमा की रोशनी में रखकर नहीं खा सकते हैं। दूषित खीर आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।