कुरुक्षेत्र। महाभारत की 48 कोस भूमि के ऐतिहासिक गांव अभिमन्युपुर में बुधवार से दो दिवसीय सूर्यकुंड मेला शुरू होगा। मेले में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचकर सूर्यकुंड तीर्थ में स्नान और दान-पुण्य करेंगे। मेले के प्रमुख आकर्षणों में दो दिवसीय हरियाणवी सांग महोत्सव और विशाल कुश्ती दंगल शामिल हैं। मेले को लेकर तैयारी की गई हैं।
हरियाणा कला परिषद के सौजन्य से बुधवार से दो दिवसीय सांग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। प्रसिद्ध सांगी कलाकार सूरज बेदी अपनी मंडली के साथ हरियाणवी सांग प्रस्तुत करेंगे। 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे सांग शुरू होगा, जबकि 17 सितंबर को सुबह 11 बजे से सांग का आयोजन किया जाएगा। हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सूर्यकुंड मेले में करीब डेढ़ दशक से सांग की परंपरा चली आ रही है। सांग देखने के लिए आसपास के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
शाम को होगा कुश्ती दंगल
मेले के दूसरे दिन 17 सितंबर की शाम को अभिमन्युपुर के सुनील कुमार स्टेडियम में विशाल कुश्ती दंगल होगा। इसमें हरियाणा के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के पहलवान भी हिस्सा लेंगे। दंगल में पहलवानों के बीच जोर आजमाइश देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।
हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए परिषद लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में सूर्यकुंड मेले में दो दिवसीय सांग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सूर्यकुंड समिति के अध्यक्ष विक्रम चौहान ने बताया कि मेले की सभी तैयारी की गई है। बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
सदियों पुरानी है मेले की परंपरा
सूर्यकुंड समिति के अध्यक्ष विक्रम चौहान ने बताया कि अदिति वन सूर्यकुंड महाभारत की 48 कोस भूमि का प्राचीन और महत्वपूर्ण तीर्थ माना जाता है। वामन पुराण के अनुसार इसी स्थान पर देवताओं की माता अदिति ने लंबे समय तक तपस्या की थी। तपस्या के फलस्वरूप उनके गर्भ से मार्तंड सूर्य का जन्म हुआ था। मार्तंड सूर्य माता अदिति और कश्यप ऋषि की 16वीं संतान बताए गए हैं। उनका जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी को हुआ था।