कुरुक्षेत्र। कोई मेडिकल बनवा रहा है तो कोई छोटे बच्चों की देखरेख करने की दुहाई देकर ड्यूटी हटवाने की फरियाद लगा रहा है। इसके साथ ही ऐसे कर्मी भी हैं जो अधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक के भी चक्कर काट रहे हैं और किसी अन्य तरीके से भी ड्यूटी हटवाने की जुगत लगा रहे हैं। एक महिला ने मेडिकल पर्चा दिखाते हुए प्लास्टर तक बता दिया लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही निकली जिसके बाद संबंधित अस्पताल भी प्रशासन के निशाने पर आ गया।
जनगणना जैसे बेहद जरूरी कार्य के लिए भी अनेक कर्मचारियों के इस रवैये से अधिकारियों को कड़ी सख्ती भी करनी पड़ी। ड्यूटी हटवाने की जुगत में ही कुछ कर्मियों ने कई दिन बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं किया। यहां तक कि करीब 50 कर्मी वीरवार को भी ड्यूटी हटवाने की फरियाद लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाने के साथ-साथ कई कर्मियों की वास्तविक मजबूरी देख ड्यूटी बदल भी दी। वहीं अब तक 400 से ज्यादा कर्मियों को नोटिस भी थमाए जा चुके हैं।
1700 ब्लॉक में से शुक्रवार तक 600 ऐसे ब्लॉक रहे, जहां कहीं काम ही नहीं शुरू किया गया और कहीं मैप ही बनाए जा रहे हैं। ये हालात तब हैं जब प्रशासन ने 20 मई से पहले इस माह मकानों को सूचीबद्ध किए जाने के कार्य को पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि पूरे माह तक यह कार्य पूरा किया जाना है।
चार ब्लॉक में काम हुआ पूरा
अनेक ब्लॉक में काम शुरू करने की ही जद्दोजहद की जा रही है। वहीं 1700 में से चार ब्लॉक ऐसे भी हैं, जहां संबंधित कर्मियों ने अपना कार्य ही पूरा कर दिया है। यहां तक कि इसकी रिपोर्ट भी संबंधित चार्ज ऑफिसर को सौंप दी है। ऐसे कर्मियों का उदाहरण अब अधिकारी दूसरे कर्मियों को भी देकर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि शनिवार से अधिकतर कर्मी अपने-अपने कार्य में जुट जाएंगे और तय लक्ष्य पूरा होगा।
डीसी बोले- जनगणना की गंभीरता कर्मचारी ही नहीं आम नागरिक भी समझें
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जनगणना देश के लिए बेहद जरूरी कार्य होता है और इसकी गंभीरता कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी समझनी चाहिए। सभी के सहयोग से ही यह कार्य पूरा हो सकेगा। जिन कर्मचारियों की वास्तविक मजबूरी होती है, उनकी ड्यूटी कभी भी बदली जा सकती है लेकिन हमें कठिन कार्य के लिए भी उत्साह के साथ आगे आना चाहिए। हर नागरिक को बिना किसी भ्रम के जनगणना कर्मियों का सहयोग करना चाहिए।