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सैलरी व अन्य भुगतान न दिए जाने पर की नारेबाजी

Sat, 27 Feb 2016 01:25 AM IST
कुरुक्षेत्र
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 एक शिक्षा सेवा संस्थान से जुड़े कर्मचारी व हजारों सदस्यों ने शुक्रवार को संस्थान कार्यालय पर पहुंच जमकर नारेबाजी की। संस्थान प्रबंधन पर किए गए वायदे पूरे न करने से लेकर उनकी सैलरी व अन्य भुगतान न दिए जाने के अलावा उनके साथ ठगी किए जाने के आरोपों के साथ इन लोगों द्वारा द्वारा किया गया बवाल देर सांय तक जारी रहा। 
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दिन भर इंतजार करने के उपरांत पुलिस के हस्तक्षेप के बाद संस्थान ने सभी को 2 मार्च तक को मिलने को चेक दिए जाने का आश्वासन दिया। सुबह ही प्रदेश भर से भारी संख्या में महिलाएं व पुरुष सेक्टर 17 स्थित संस्थान के कार्यालय पर एकत्र हुए। जहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी भी की। गुस्साए लोगों ने संस्थान प्रबंधन अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया तो इससे पहले कई अधिकारी वहां से निकल गए। जबकि कार्यालय में मिले दो अधिकारियों के साथ लोगों ने जमकर बहस की तो खूब खरी खोटी भी सुनाई।
उन्होंने आरोप लगाए कि पैसे दिए जाने के लिए बार-बार आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन फिर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। इसी के चलते ही आज भी उन्हें बुलाया गया, लेकिन कार्यालय में अधिकारी न मिलने और जो मिले उनसे कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर लोगों में रोष बढ़ा। 
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स्वरोजगार के दिखाए थे सपनेअंबाला निवासी प्रकाश टंगैल, नेवल जिला करनाल निवासी विक्की, गांव बड़तौली जिला कुरुक्षेत्र निवासी मुकेश, गुमटी निवासी शाहबाद निवासी नरेश कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि संस्थान ने उन्हें सब्जबाग दिखाए थे कि उन्हें व्यापक स्तर पर गांवों में ही रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव सेंटर खोले गए, जहां युवतियों को रोजगार परक कोर्स करवाए जाने का आश्वासन दिया गया।
कर्मचारी भर्ती किए तो बड़ी संख्या में बनाए गए सदस्यप्रदर्शन कर रहे लोगों ने खुलासा किया कि संस्थान ने अप्रैल 2015 से यह कार्य शुरू किया था। जिसके अधीन जिला स्तर पर कार्यालय खोले गए तो वहीं गांवों में केंद्र स्थापित किए गए। इसके लिए अनेकों लोगों को कर्मचारी के तौर पर रखा गया, जिसमें केंद्रों पर कोर्स करवाने वाले टीचर के अलावा मुख्यालय में भी विभिन्न पदों पर कर्मचारी रखे गए। 
हजारों की संख्या में खुलवाए केंद्रों पर यह करवाए जाने हैं कोर्ससंस्थान ने अपने कर्मचारियों व सदस्यों के मार्फत खोले पूरे प्रदेश भर में हजारों केंद्रों पर ब्यूटी पार्लर, सिलाई कोर्स व कंप्यूटर कोर्स करवाए जाने का भरोसा दिया था। विशेष तौर पर महिलाओं को यहां दाखिला दिया गया जबकि सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए आगे से आगे सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाती रही। हर केंद्र पर 11 सदस्यीय महिला ग्रुप भी बनाए गए।
सदस्य बनने की 450 रुपए फीस तो कोर्स फीस 300 रुपए की निर्धारितप्रदर्शन कर रहे पीड़ित संदीप, रिंकू, सत्यवान, रविंद्र, मोहन सहित अन्य ने बताया कि संस्थान ने पहले कर्मचारियों को भी अपना 450 रुपए की दर से सदस्य बनाया, जिसके बाद खोले गए सेंटरों पर निर्धारित 20 युवतियों की सीटें रखी गई, जहां 300 रुपए हर युवति से फीस के तौर पर जमा करवाए गए।
लाखों तक पहुंची यह पूरी राशी संस्थान के मुख्यालय जमा करवाई जाती रही। लेकिन न तो कोर्स ही करवाए जा सके और न ही अधिकतर इन केंद्रों के लिए वायदे अनुसार मशीनें आदि स्थापित की गई। कर्मचारियों को भी महज दो-तीन माह सैलरी दी, जिसके बाद उन्हें कोई राशि नहीं मिल पाई।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस, लोगों ने गाड़ी से उतरवाया आरोपीलोगों का गुस्सा इस कदर था कि सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने संस्थान कार्यालय में मिले संबधित एक अधिकारी को अपनी हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया।
लेकिन भड़के लोगों ने पुलिस को उसे नही ले जाने दिया और बाद में पुलिस उसे वहीं छोड़ने को मजबूर हुई, जिसके बाद लोगों ने उसे जमकर खरी खोटी सुनाई। इसके बाद वह कार्यालय चला गया, जिसके बाद भी दिन भर कार्यालय के अंदर व बाहर बहस व गरमा गरमी होती रही। इसी दौरान सुभाष मंडी व कृष्णा गेट चौकी से पुलिस बल पहुंचा। 
देर सांय तक पुलिस वहीं खड़ी रही और लोग रोष जताते रहे। देर सांय पुलिस ने संस्थान कार्यालय में मिले अधिकारियों से निर्देश दिए कि पीड़ित लोगों का भुगतान किया जाए। पुलिस हवाला देती रही कि रोष जता रहे लोगों में से उन्हें किसी ने भी शिकायत नहीं दी है, जिसके चलते वह कानून कार्रवाई नहीं कर सकते।
2 मार्च को दे देंगे सभी को चेक : सुखविंद्रपुलिस व रोष जता रहे लोगों के बीच घिरे कैशियर सुखविंद्र ने बताया कि संस्थान 2 मार्च को सभी लोगों का भुगतान चेक के द्वारा कर देगा। तब तक किसका कितना भुगतान है, उसकी भी जांच कर ली जाएगी। इस आश्वासन पर सभी लोग सहमत हो गए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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