कुरुक्षेत्र। चेक बाउंस के एक मामले में विशेष लोक अदालत-सह-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने फैसला सुनाते हुए वर्ष 2020 में सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा के आदेश को रद्द कर दिया। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता होने के बाद अदालत ने आरोपी महिला को बरी कर दिया।
रविदास नगर निवासी महिला ने वर्ष 2020 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा सुनाए गए फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। निचली अदालत ने तीन फरवरी 2020 को महिला को परक्राम्य लिखत अधिनियम (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था तथा पांच फरवरी 2020 को छह माह के साधारण कारावास और चेक राशि के दोगुने मुआवजे का भुगतान करने की सजा सुनाई थी।
अपील की सुनवाई के दौरान महिला और शिकायतकर्ता फर्म एमएस सैनी आयरन एंड हार्डवेयर स्टोर, झांसा रोड, थानेसर के बीच आपसी समझौता हो गया। शिकायतकर्ता फर्म के अधिकृत प्रतिनिधि रवि प्रकाश और महिला ने अदालत में बयान दर्ज कराते हुए बताया कि विवाद का सौहार्दपूर्ण निपटारा हो चुका है तथा समझौते के तहत पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया है। शिकायतकर्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि अब उसकी कोई बकाया मांग नहीं है और आरोपी को बरी किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है। संवाद