फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryan: दूषित पानी से गांव में छह लोगों की मौत, 35 से ज्यादा अस्पताल में उपचाराधीन, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

Tue, 22 Jul 2025 10:46 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी कुरुक्षेत्र

सार

गांव सुरा में दूषित पानी से एक माह में छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 35 से ज्यादा लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन डॉक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि शुरुआती लक्षण में दूषित पानी बीमारी की वजह मानी जा रही है।
विज्ञापन
सूरा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गांव सुरा में पिछले एक माह में छह से सात लोगों की अज्ञात कारणों से मौत हो चुकी है जबकि 35 से ज्यादा लोग अस्पतालों में उपचाराधीन है। गांव में पिछले 10 दिनों से उल्टी व दस्त के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जहां ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य एवं जनस्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया है। दोनों विभागों की टीमों ने गांव में मोर्चा संभाल लिया है।
विज्ञापन


सूचना मिलने पर सिविल सर्जन डॉक्टर सुखबीर सिंह, एसएमओ डॉ कृष्णकांत, जन स्वास्थ्य विभाग से एक्सईएन सुमित गर्ग, एसडीओ विनोद कुमार अपनी टीमों सहित गांव में मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। विभाग द्वारा शुरुआती लक्षणों में बीमारी का कारण दूषित पानी माना जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अवैध कनेक्शन और टंकियां व होदियों से वापस जा रही पानी की सप्लाई को रोक दिया।

वहीं ग्रामीण जोनी, करनैल सिंह, राजबीर, रामसिंह, साहब सिंह आदि ने रोष जताते हुए बताया कि पिछले कई दिनों से ग्रामीणों को उल्टी व दस्त की समस्या आ रही है। गांव से दवाई लेने के बाद भी जब आराम नहीं आया तो ग्रामीण शहर के सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवाने पहुंचे। ग्रामीण राजबीर ने बताया कि उसकी पत्नी को भी कई दिनों से उल्टी व दस्त की शिकायत थी। सरकारी अस्पताल से आराम न मिलने के बाद उसकी पत्नी को एलएनजेपी नागरिक अस्पताल कुरुक्षेत्र लिए रैफर कर दिया गया। कुरुक्षेत्र जाने में असमर्थ होने के कारण उसे प्राइवेट अस्पताल में महंगे दामों पर अपनी पत्नी का इलाज करवाना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने होदियों में छोड़े पेयजल पाईप : सुमित गर्ग

जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन सुमित गर्ग ने बताया कि ग्रामीणों ने सीवरेज पाइप की लाइनों में से पानी की पाइप निकाली हुई है तथा कुछ लोगों ने पानी की होदियों में पाइप छोड़े हुए हैं। ट्यूबवेल बंद होने के बाद गंदा पानी वापिस पानी की सप्लाई लाइन में चला जाता है जिससे लोगों को दूषित पानी मिल रहा है। उन्होंने सभी अवैध कनेक्शन को कटवा दिया है और दूषित पानी की जांच की जा रही है।

दूषित पानी ही मानी जा रही शुरुआती वजह : सीएमओ

सिविल सर्जन डॉक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि शुरुआती लक्षण में दूषित पानी बीमारी की वजह मानी जा रही है। कुछ जगहों पर ग्रामीणों द्वारा जोड़े गए पानी के पाइप जर्जर हो गए हैं तथा सीवरेज लाइनों के बीच से पानी के पाइप भी जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को हर सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। विभाग द्वारा लोगों को ओआरएस व ओलोजन की टेबलेट भी दी जा रही है। किसी भी परेशानी से बचने के लिए विभाग द्वारा एंबुलेंस को मौके पर तैनात कर दिया गया है। सीएमओ सहित डॉक्टर की पूरी टीम गांव के निगरानी कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें