संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हैंड ग्रेनेड हमले के काबू आरोपियों की रिमांड के दौरान कई सुराग मिलने के दावे के बावजूद पुलिस छह दिनों बाद भी हमले की सटीक जगह का खुलासा नहीं कर पाई है। न ही साजिश में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है जिससे जांच पर सवाल उठ रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हमले के बाद वे पटियाला लौटने वाले थे और एनएच-152 डी के पास रोड मैप तैयार कर रहे थे। वहां से उन्हें एक पिस्तौल मिलनी थी, वह पिस्तौल देने वाला ही ग्रेनेड फेंकने का निर्देश देने वाला था। हमले से पहले 30 हजार रुपये मिले जबकि बाद में बड़ी राशि मिलने का वादा था।
पुलिस का यह भी दावा है कि पंजाब में निशानदेही से अहम सुराग मिले लेकिन पुलिस उनकी सत्यता जांचने में जुटी हुई है। सीआईए प्रभारी मोहन लाल ने कहा कि विभिन्न टीमों से हर एंगल की जांच जारी है लेकिन सुराग सार्वजनिक नहीं किए जा सकेंगे। एनआईए सहित सुरक्षा एजेंसियां संपर्क में हैं, फिर भी नई गिरफ्तारी या हमले के समय और स्थान की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस का दावा है कि मामला लगभग सुलझ चुका है, जल्द अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।