प्राचीन धरोहर के गायब होने के पीछे जितनी लापरवाही अभी तक सामने आई है, ठीक वैसी ही कोताही अब कार्रवाई के मामले में दिख रही है। प्रतिहार शासनकाल के 1200 साल पुराने चतुरशाखा पाषाण द्वार के गायब होने का मामला उजागर हुए 48 घंटे बीत चुके हैं। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों को गलत जानकारी देने वालों और जिन लोगों की वजह से सदियों पुराना 80 वीं सदी का प्रवेश द्वार गायब हुआ, उन पर कार्रवाई के बारे में जानकारी जब हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय की उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य से ली गई तो उन्होंने बताया कि शुक्रवार को विभाग के एक सहायक महिला कर्मचारी से मौके की फोटो मंगवाई गई हैं। यह फोटो उन्हें मिल चुके हैं।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ से साइट इंचार्ज गुलाब सिंह की ड्यूटी मौके पर लगाई गई है। यानी शनिवार को पृथुदक तीर्थ पर स्थित प्राचीन वशिष्ठ तपोस्थली (गुफा) पर लगे 8 वीं सदी के पाषाण द्वार स्थल का मुआयना करने के बाद ही साइट इंचार्ज इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। उल्लेखनीय है
कि अमर उजाला के अभियान हमारा जिम्मा हमारी विरासत के तहत धरोहर की उपेक्षा के मुद्दे पर उक्त मामले की रिपोर्ट प्रमुखता से उजागर की गई थी, जिस पर हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग चंडीगढ़ ने संज्ञान लेते हुए इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन और जांच बारे कहा था। 48 घंटे बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि शुक्रवार को एक बार फिर विभाग की उपनिदेशक ने शनिवार को चंडीगढ़ से साइट इंचार्ज को भेजने की बात ही कही है,जबकि इतनी महत्वपूर्ण धरोहर कब और कैसे गायब हो गई,इसका अभी तक विभाग को पता तक नहीं था।
पार्षद सुखविंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि सरस्वती तीर्थ के नजदीक स्थित इस अनमोल धरोहर को गायब करने में जिसका भी हाथ है, उस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही से प्राचीन धरोहरें खुर्द-बुर्द हो रही हैं। जिस पर विभाग के उच्चाधिकारियों को संज्ञान लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भी सबसे पहले कार्रवाई करनी चाहिये।
विभाग ने संभाल और देखरेख दोनों में की लापरवाही
भाजपा निगरानी कमेटी के हलका संयोजक युधिष्ठिर बहल का कहना है कि वशिष्ठ गुफा के सदियों पुराने द्वार की संभाल का जिम्मा हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का था,लेकिन इतनी महत्वपूर्ण धरोहर के रख-रखाव और देखरेख में कोताही बरती गई है। इस मामले में जो भी दोषी है,उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।