कुरुक्षेत्र। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कुरुक्षेत्र जेल में भावनाओं से भरा अनोखा दृश्य देखने को मिला। सलाखों के पीछे बंद भाइयों की कलाई पर बहनों ने प्यार से राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र व सुखी जीवन की कामना की। इस दौरान बहनों ने भाइयों से दोबारा अपराध की दुनिया में कदम न रखने का वचन मांगा। कई बहनों की आंखें नम थीं तो भाइयों ने भी अपराध छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने का संकल्प लिया। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के इस रिश्ते ने जेल की सलाखों के बीच भी उम्मीद की एक नई किरण जगा दी।
शुक्रवार को सुबह से ही जेल के बाहर बहनों और परिवार के सदस्यों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। लगभग 250 बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं। उनके साथ करीब 450 परिजन भी पहुंचे। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, राखी बांधी और मुंह मीठा करवाया। राखी बांधते समय कई बहनों की आंखें छलक पड़ीं। किसी ने भाई का हाथ थामकर हाल पूछा। कुछ बहनों ने नम आंखों से सिर्फ इतना कहा कि बाहर ऐसा कोई काम मत करना कि अगली राखी भी जेल में बांधनी पड़े। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे।
अपराध और नशे से दूर रहने का वचन
बहनों ने भाइयों से वचन लिया कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे दोबारा अपराध की राह पर नहीं जाएंगे। उन्होंने भाइयों को नशे से दूर रहने की भी कसम दिलाई। बहनों का कहना था कि राखी के दिन भाई की कलाई पर बांधा गया रक्षासूत्र तभी सार्थक होगा। यह तभी होगा जब भाई गलत संगत छोड़कर परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जिएगा।
जेल के बाहर इंतजार, अंदर सुरक्षा के बीच मुलाकात
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहने अपने परिजनों के साथ जेल पहुंचने के चलते जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। मुलाकात करने आईं बहनों के पहचान पत्रों की जांच की गई और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही उन्हें जेल की डोडी में प्रवेश दिया गया। भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए करीब 10-10 लोगों के समूह में मुलाकात कराई गई। गर्मी को देखते हुए जेल के बाहर इंतजार कर रहे लोगों के लिए टेंट लगाए गए। परिजनों के बैठने और पानी की भी व्यवस्था की गई। परिवार के कई सदस्य और छोटे बच्चे भी बहनों के साथ जेल पहुंचे।
बाहर की मिठाई पर रोक, जेल में ही तैयार कराई मिठाई
सुरक्षा कारणों से इस बार परिजनों को बाहर से मिठाई लाने की अनुमति नहीं दी गई। जेल प्रशासन ने स्वयं बहनों के लिए मिठाई, रोली, चंदन, मौली और राखी की व्यवस्था कराई। बंदियों के लिए विशेष रूप से मीठी खीर भी तैयार की गई। जेल अधीक्षक धर्मवीर ने बताया कि बाहर से खाद्य सामग्री आने पर सुरक्षा संबंधी जोखिम रहता है। इसी वजह से मिठाई जेल प्रशासन की ओर से ही उपलब्ध करवाई गई।
बहनों के साथ आए परिजनों के लिए भी भोजन
जेल प्रशासन ने सिर्फ बंदियों और बहनों की मुलाकात की व्यवस्था ही नहीं की, बल्कि उनके साथ आए परिजनों और बच्चों के लिए भी नाश्ते और भोजन का इंतजाम किया। भोजन में कढ़ी, छोले की सब्जी, चावल और रोटी रखी गई, जबकि छोटे बच्चों के लिए बिस्कुट दिए गए। पानी की व्यवस्था के लिए करीब 50 कैंपर मंगवाए गए।
रक्षाबंधन पर्व पर जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की थी। बंदियों को उनकी बहनों सहित अन्य परिजनों से मिलने का समय दिया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जेल में बंद बंदी आए हुई बहनों व परिजनों की सुरक्षा जांच के बाद व्यवस्थित तरीके से मुलाकात कराई गई। इसके लिए जिला पुलिस से भी करीब 20 से 25 अतिरिक्त पुलिसकर्मी भी मांगे गए थे ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। राखी का पूरा त्योहार शांतिप्रिय तरीके से बनाया गया।
- धर्मवीर, जेल अधीक्षक, कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र। जेल की डोडी में अपनी छोटी बहनों को आर्शिवाद देता हुआ जेल में बंद बंदी। संवाद
कुरुक्षेत्र। जेल की डोडी में अपनी छोटी बहनों को आर्शिवाद देता हुआ जेल में बंद बंदी। संवाद