कुरुक्षेत्र। एनआईटी में सन्नाटा पसरा हुआ है। संस्थान की ओर से जारी आदेश के बाद लगभग सभी छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया है। वहीं इसका सीधा असर ऑनलाइन कारोबार के साथ डिलिवरी वालों के रोजगार पर भी पड़ा है। एनआईटी की ओर से परिसर के मुख्य बाजार के बाहर पेड़ के नीचे डिलिवरी करने वालों की जगह तय की हुई है। जहां पहले के दिनों में करीब 10 से 12 डिलिवरी बॉय हजारों पैकेट के साथ पहुंचते थे, वहीं अब यहां पर सन्नाटा पसरा रहने लगा है।
डिलिवरी आर्डर देने आए कंपनी के कर्मचारी दिनेश ने बताया कि वह एनआईटी में करीब पांच से सात साल से सामान दे रहा है लेकिन पहली बार हुआ है कि 90 प्रतिशत सामान कैंसल हो गया है। दो दिन से बैग भरकर ला रहा हूं, वहीं ऐसे ही वापस लेकर जा रहा हूं। वहीं दूसरे डिलिवरी बॉय सुनील ने बताया कि हमारे ऑफिस में एनआईटी रूट के लिए खींचतान रहती थी, क्योंकि यहां सबसे ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग की जाती है और एक ही जगह छाया में बैठना पड़ता है। यहीं से सब छात्र-छात्राएं अपना सामान ले जाते हैं लेकिन अब पहले जैसा कुछ नहीं है।
खाना डिलीवर करने आए सुरेश कुमार ने बताया कि पहले यहां दिन में करीब 10 चक्कर लग जाते थे, खाने का सामान डिलीवर करने के लिए लेकिन वीरवार को मात्र एक ही डिलीवरी मिली है, वो भी महिला हॉस्टल की। ऐसे में उन्होंने बताया कि कंपनी को तो नुकसान हो रहा है, वहीं अब इस कार्य के जरिये मिला रोजगार बचना भी मुश्किल हो गया है।
सभी हॉस्टल हुए खाली, मात्र 15 से 20 छात्राएं रही
बुधवार देर शाम तक सभी हॉस्टल खाली हो गए। महिला हॉस्टल में कावेरी, अलकनंदा पूरी तरह से खाली हो गए हैं, जबकि भागीरथी और कल्पना में 15 से 20 छात्राएं बची हैं, एक-दो दिन में घर निकल जाएंगी। वहीं पुरुष हॉस्टल का भी यही हाल है। यहां करीब 100 से 150 छात्र की यहां हैं, जो घर जाने की तैयारी में लगे रहे।
कुरुक्षेत्र। एनआईटी में आर्डर डिलिवरी करते कर्मचारी। संवाद- फोटो : Archive