पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं का विरोध करते हुए धर्मनगरी में सिख संगत ने रोष मार्च निकाला। शांतिपूर्ण ढंग से निकाले गए रोष मार्च की अगुवाई डेरा उदासीन ब्रह्म अखाड़ा मांडी से संत बाबा गुरविंदर सिंह ने की। उनके साथ जत्थेदार कुलदीप सिंह, बाबा लवजोत सिंह, बाबा तरसेम सिंह, बाबा जसविंदर सिंह, बाबा गुरजीत सिंह, बाबा गुलाब सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में हेड ग्रंथी ज्ञानी अमरीक सिंह ने अरदास करने के बाद रोष मार्च की शुरुआत की। संत बाबा गुरविंदर सिंह मांडी वाले ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी सभी धर्मों का अनादर है। ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाना जरूरी है। इसलिए वे सिख संगत की ओर से पंजाब सरकार से आग्रह करते हैं कि श्री गुुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं पर अंकुश लगाकर असामाजिक तत्वों को पकड़ा जाए। ये असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण पंजाब में देखने को मिल रहा है। इसलिए सरकार को इस ओर विशेष ध्यान देकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
शांतिपूर्वक निकाला रोष मार्च गुरुद्वारा साहिब से बाहर आते ही सतनाम वाहे गुुरु का सिमरन करते हुए संगत मीरी-पीरी चौक पर बैठ गई। करीब 10 मिनट तक यहां बैठने के बाद रोष मार्च मोहन नगर चौक की ओर रवाना हुआ। पैदल मार्च करते हुए संगत मोहन नगर चौक पर पहुंची। यहां से फिर गुरुद्वारा साहिब की ओर चल दी। इस दौरान पुलिस ने सारा ट्रैफिक एक ओर डायवर्ट कर दिया।
शहर की सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन सिख संगत के रोष जुलूस के चलते रोड पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रही। खासकर मोहन नगर पुल और रेलवे रोड पर सिख संगत के रोष मार्च के दौरान जाम जैसे हालात बन गए। हालांकि, पुलिस तैनात होने के कारण व्यवस्था नहीं बिगड़ी। व्यवस्था संभालने के लिए डीएसपी गुरमेल सिंह, सिटी एसएचओ रामकुमार आदि तैनात रहे। सिख संगत की मांग का समर्थन करते हुए राहगीर भी रोष मार्च में शामिल हो गए।