कुरुक्षेत्र। राजेंद्र नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को श्रीअद्वैत स्वरुप अनंत आश्रम नंगली वाली कुटिया में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। यह कलश यात्रा आश्रम से चलकर रेलवे रोड, न्यू काॅलोनी, पटेल नगर, अमीन मार्ग रोड से होती हुई वापस कथा स्थल कुटिया में पहुंची।
प्रथम आश्रम के संचालक संत प्रकाश पुरी एवं संत अगम पुरी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आरती के साथ शुरू किए गए श्रीमद् भागवत कथा में संत वेदांत पुरी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम इसकी महिमा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसको सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई अन्य भी इसे गलती से सुन लेता है, तो वो भी कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अगर कोई सात तक किसी व्यवस्तता के कारण नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकाले। तब भी वो इसका फल प्राप्त करता है, क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग का उल्लेख होने के साथ-साथ इसकी व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है।
इस मौके पर संत निर्विकार पुरी, संत संतोष पुरी, संत सनातन पुरी, संत सहज पुरी, संत विवेक पुरी, संत आत्म विभोर पुरी पिहोवा, संत त्याग पुरी, संत पावन पुरी लाडवा, संत त्रिलोक पुरी झांसा, संत प्रभात पुरी कैथल, संत अनुराग पुरी, आश्रम के प्रवक्ता महात्मा दिव्यानंद, महात्मा सुखधर्मानंद, महात्मा हरदेवानंद, महात्मा अवधेशानंद, महात्मा गोपालानंद, महात्मा रामानंद आदि संतों ने संगत का मार्गदर्शन किया।
कुरुक्षेत्र। कलश यात्रा में हिस्सा लेती महिला श्रद्धालु। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। कलश यात्रा में हिस्सा लेती महिला श्रद्धालु। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। कलश यात्रा में हिस्सा लेती महिला श्रद्धालु। विज्ञप्ति