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श्री रामेश्वर महादेव मंदिर : यहां स्फटिक मणि शिवलिंग की पूजा अर्चना का है खास महत्व

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कुरुक्षेत्र। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जहां शिवभक्तों में उत्साह बना हुआ है वहीं शिवालयों को भी सजाया जाने लगा है। कहीं फूलों से शिव भोले व शिवलिंग को सजाने की तैयारी की जा रही है तो कहीं भंडारे व शिव भोले की बरात निकाले जाने की तैयारी है। ऐसे में धर्मनगरी का माहौल शिवमय बनने लगा है।
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श्री जयराम विद्यापीठ में स्थित श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में विद्यापीठ के ट्रस्टियों एवं भारी संख्या में शिव भक्तों द्वारा महामृत्युंजय मंत्र जाप तथा महाशिवरात्रि पर शंखनाद के साथ महा रुद्राभिषेक किया जाएगा। श्री जयराम विद्यापीठ में पूरा दिन महाशिवरात्रि पर दूर- दूर से आने वाले यजमानों एवं शिव भक्तों के लिए ब्रह्मचारियों द्वारा महाभिषेक एवं विश्व के दुर्लभ स्फटिक मणि शिवलिंग पर सर्वकल्याण की भावना से पूजन होगा। उन्होंने बताया कि भगवान शिव कल्याण के देवता माने जाते हैं।
उनका कहना है कि पूजा से शीघ्र ही प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देने वाले भगवान शिव को उनके भक्त देवों के देव महादेव, औढरदानी, भोलेनाथ, शंकर, गंगाधर, नीलकंठ, बाबा आदि नाम से बुलाते हैं।
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रुद्र अभिषेक का है अहम महत्व : ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी
श्रीजय राम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी का कहना है कि शिव की साधना का सबसे बड़ा महापर्व महाशिवरात्रि को माना गया है, जो कि 26 फरवरी को मनाई जाएगी। भगवान शिव के महापर्व पर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व है। रुद्राभिषेक दो शब्दों रुद्र और अभिषेक से मिलकर बना है। इसमें रुद्र शब्द का अर्थ भगवान शिव है अर्थात शिव का अभिषेक। रूद्र अभिषेक का बड़ा महत्व होता है, जिसको लेकर शिवभक्तों में उत्साह बना रहता है। इस आयोजन के चलते आश्रम परिसर को खास तौर पर सजाया जा रहा है।
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