कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में वीरवार को सत्संग में महंत राजेंद्र पुरी ने पितृ पक्ष का महत्व बताया। हिंदू धर्म में इसका विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है।महंत पुरी के अनुसार, पितृ पक्ष में विधि-विधान से किए गए श्राद्ध कर्म से पितृगण अत्यंत संतुष्ट होते हैं। वे परिवार को सुख-समृद्धि, आरोग्यता और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का अवसर है, जिससे पितृ ऋण चुकता होता है और बाधाएं दूर होती हैं। सनातन संस्कृति में श्राद्ध कर्म प्रेम, सम्मान और समर्पण का प्रतीक है। श्रद्धालुओं से आह्वान है कि वे सात्विक आचरण, दान-पुण्य और सेवा से श्रद्धा भाव से तर्पण अनुष्ठान संपन्न करें।