कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की अदालत ने बंबीहा गैंग से जुड़े कुख्यात शूटर विशाल गोंदड़िया की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।
विशाल पर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप है, जिसमें आठ अवैध पिस्तौलें, 115 कारतूस और तीन मैगजीन बरामद हुए थे। अदालत ने मामले की गंभीरता, अभियुक्त के आपराधिक इतिहास और साक्ष्य छेड़छाड़ की आशंका को आधार बनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
मामले के अनुसार 21 फरवरी 2024 को थाना सदर थानेसर के एएसआई रणदीप सिंह को गुप्त सूचना मिली कि पांच-छह मामलों में फरार चल रहा बंबीहा गैंग का शूटर विशाल निवासी गोंदर गांव जिला करनाल गांव बोधी के वाई-पॉइंट पर काले पिट्ठू बैग में हथियार लटकाए गंभीर अपराध की योजना बना रहा है।
पुलिस ने दबिश की तो विशाल ने भागने का प्रयास किया। तलाशी में .30 बोर के 58, .32 बोर के 40 और .315 बोर के 17 कारतूस सहित हथियार बरामद हुए। कोई वैध लाइसेंस न होने पर धारा 212 आईपीसी व आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(6)/29-54-59 के तहत मामला दर्ज हुआ।
अभियोजन पक्ष के लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि विशाल अपराध में सक्रिय है। सह-अभियुक्त दविंदर उर्फ बिंदर विदेश फरार है, और विशाल के खिलाफ प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी सात अन्य समान मामले दर्ज हैं।
जमानत पर रिहा होने से साक्ष्य से छेड़छाड़ व गवाहों को धमकाने का खतरा है। विशाल के वकील ने बचाव में कहा कि अभियुक्त निर्दोष है, 22 फरवरी 2024 से जेल में है। जांच पूरी हो चुकी है और चालान पेश किया जा चुका है व कोई बरामदगी बाकी नहीं। सह-अभियुक्त सतिंदर उर्फ सिल्लू व बलराज को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट व पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला दिया, लेकिन अदालत ने इन्हें तथ्यों से भिन्न बताते हुए अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि हिरासत अवधि जमानत का आधार नहीं।
मुकदमा प्रारंभिक चरण में है और गैंग से जुड़े अपराधी की रिहाई जोखिम भरी होगी। विशाल को बंबीहा गैंग के हथियार तस्करी नेटवर्क से जोड़ते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस ने चालान पेश कर दिया है, लेकिन सह-अभियुक्त की गिरफ्तारी बाकी होने से जांच प्रभावित न हो।