कुरुक्षेत्र। सावन मास की शिवरात्रि बुधवार को अत्यंत शुभ योग गजकेसरी में मनाई जाएगी। धर्मशास्त्रों के अनुसार सावन में शिव पूजन विशेष फलदायी होता है, लेकिन शिवरात्रि का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस दिन शिव भक्त पवित्र नदियों से जल भरकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं।
ज्योतिषाचार्य पं. रामराज कौशिक का कहना है कि यह दिन कठिन कार्यों की सफलता, संतान सुख, अकाल मृत्यु से मुक्ति और रोगनाश के लिए अत्यंत लाभकारी है।
सावन शिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 23 जुलाई को सुबह चार बजकर 39 मिनट पर होगा और इसका समापन 24 जुलाई को रात दो बजकर 28 मिनट पर होगा।
इसी दौरान भगवान शिव का पूजन एवं जलाभिषेक करना विशेष पुण्यदायक रहेगा।