कुरुक्षेत्र। जीटी रोड स्थित लघु चिड़ियाघर पिपली में कुछ पल पहले तक पर्यटक अपनी ही मस्ती में लीन रहे। इस बीच शेर के बाड़े से आई जोरदार दहाड़ ने जैसे पूरा माहौल बदल कर रख दिया। घूमते पर्यटकों के कदम ठिठक गए, गर्दनें एक साथ उसी दिशा में घूम गईं और देखते ही देखते बाड़े के सामने भीड़ जुट गई। सामने सिंहासन की तरह ऊंची जगह पर रौब से बैठा था शिवा। उसकी दहाड़ में जंगल की बादशाहत का अहसास और पर्यटकों की आंखों में रोमांच साफ दिखाई दे रहा था।
इस दौरान शिवा के साथ शेरनी साक्षी भी दर्शकों की एकाग्रता का केंद्र बनी रही। कोई मोबाइल से वीडियो बनाने लगा तो कोई बच्चों को आगे कर शेर की झलक दिखाने लगा। दहाड़ थमने के बाद भी लोगों की नजरें बाड़े से नहीं हटीं। पर्यटक मानो इंतजार कर रहे थे कि अब शिवा अगली बार कब अपनी मौजूदगी का अहसास कराएगा।
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वन्य प्राणियों का यही रोमांच पर्यटकों को बांधे रहा। शेर के बाद तेंदुआ भी लोगों के कौतूहल का बड़ा केंद्र रहा। मगरमच्छ और घड़ियाल को निहारते बच्चे देर तक उनके आसपास खड़े रहे।
दरियाई घोड़े की भारी-भरकम काया देखकर पर्यटक उत्सुक दिखाई दिए तो लकड़बग्घे को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रही। काला हिरण और लंगूरों की गतिविधियों ने बच्चों को खासतौर पर आकर्षित किया। चिड़ियाघर से बाहर निकलते समय भी पर्यटक वन्य जीवों के निराले अंदाज की चर्चा करते नजर आए।
कुरुक्षेत्र। पिपली स्थित लघु चिड़ियाघर में पिंजरे से बाड़े की तरफ कौतूहलतावश शेर शिवा और शेरन