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Kurukshetra News: एसजीपीसी कुरुक्षेत्र में बनाएगी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी चुनाव की रणनीति

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कुरुक्षेत्र। प्रदेश में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन की स्थायी कमेटी के चुनाव को लेकर वार्डबंदी का काम शुरू हो चुका है। ऐसे में अब शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (एसजीपीसी) अमृतसर भी इसके लिए पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी है। खास बात यह है कि चुनाव के लिए कमेटी कुरुक्षेत्र में ही पूरी रणनीति बनाएगी, जिसके लिए 29 अगस्त को सेक्टर तीन स्थित गुरुद्वारा साहिब परिसर में अहम बैठक होगी, जिसमें चुनाव मैदान में उतारे जाने वाले सदस्यों को लेकर चर्चा संभव है। इसमें एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी, शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, राज्यसभा सदस्य बलविंद्र सिंह भूंदड़, शिरोमणी अकाली दल के प्रधान शरणजीत सिंह सौथा भी मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे।
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन की अस्थायी कमेटी के बीच चल रहे विवाद का मामला अकाल तख्त पहुंचने के बाद से एसजीपीसी की सक्रियता बढ़ी है। साथ ही स्थायी कमेटी के लिए भी सरगर्मी तेज हो गई है। इसके तहत एसजीपीसी की कुरुक्षेत्र में होने वाले 29 अगस्त की बैठक पर सभी की नजर है। माना जा रहा है कि प्रदेश स्तरीय इस बैठक में ही चुनाव को लेकर रणनीति तय की जाएगी। अब एसजीपीसी और शिअद से जुड़े हर पदाधिकारी, सदस्य, कार्यकर्ता ही नहीं एचएसजीपीसी को भी इसका इंतजार है। भले ही यह बैठक विशेष तौर पर चुनाव को लेकर होनी है, लेकिन यह पहला मौका होगा जब प्रदेश में अलग कमेटी बनने के बाद एसजीपीसी व शिअद के बड़े नेता कुरुक्षेत्र में जुटेंगे। हाल ही में श्री पंजोखरा साहिब में सामने आए हरियाणा कमेटी पदाधिकारियों के बीच विवाद को लेकर भी बैठक में चर्चा हो सकती है। बैठक में प्रदेश भर से मौजिज लोग पहुंचेंगे, जिसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में शरणजीत सिंह सौथा का कहना है कि इस बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।


वर्ष 2011 में बने थे 11 में से एसजीपीसी के नौ सदस्य
बता दें कि पहले प्रदेश के गुरुघरों व अन्य सिख संस्थानों का संचालन भी एसजीपीसी ही संभालती रही है। वहीं करीब 22 साल के कड़े संघर्ष के बाद हरियाणा में अलग कमेटी बनी है, जो फिलहाल तदर्थ है और अब स्थायी कमेटी के लिए चुनाव होने हैं। इससे पहले वर्ष 2011 में चुनाव हुए थे, जिस दौरान प्रदेश में बनाए 11 वार्डों में से नौ में एसजीपीसी व शिअद के उम्मीदवार विजयी रहे थे। इनमें सीनियर मीत प्रधान बलदेव सिंह कैमपुर, हरभजन सिंह मसाना, बीबी मंजीत कौर, भूपेंद्र सिंह असंध, अमीर सिंह, बीबी अमरजीत कौर, बलदेव सिंह खालसा, जगबीर सिंह मांगेआना व रघुजीत सिंह विर्क शामिल रहे। वहीं अमरीक सिंह जनेतपुर ने आजाद चुनाव लड़ा था, जबकि भूपिंद्र सिंह असंध अब हरियाणा कमेटी के साथ हैं।
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12 जिलों में बनाए गए 40 वार्ड
प्रदेश के 22 जिलों में से 12 जिलों में ही सिख समुदाय की ज्यादा आबादी है, जिसके चलते इन जिलों में ही 40 वार्ड बनाए गए हैं। हर वार्ड में 25 से 30 हजार तक वोटर होंगे। सबसे ज्यादा नौ वार्ड सिरसा जिले में तो इसके बाद अंबाला व कुरुक्षेत्र में पांच-पांच वार्ड हैं। हर वार्ड से एक सदस्य चुना जाना है। फतेहाबाद, कैथल व करनाल में चार-चार, यमुनानगर में तीन, पंचकुला में दो और फरीदाबाद, गुरुग्राम, जींद व पानीपत जिलों से एक-एक वार्ड बनाया गया है। आगामी चुनाव में कमेटी में 49 सदस्य बनाए जाने हैं, जिनमें नौ सदस्य मनोनीत होंगे जबकि 40 के लिए चुनाव होना है।
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