संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एसजीपीसी द्वारा कर्मचारियों से अपना पीछा छुड़ाने के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया है। यह कहना है एचएसजीएमसी प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह का। उन्होंने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी एडवोकेट की ओर से हरियाणा से कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के बयान पर उक्त जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जो 15 कर्मचारी एसजीपीसी श्री अमृतसर के कार्यालय में धरना दे रहे हैं। वे सभी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के अधीन ही नौकरी करने के इच्छुक हैं। अब उन कर्मचारियों से अपना पिंड छुड़ाने के लिए एसजीपीसी प्रधान अपना पल्ला झाड़ते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को बदनाम करने के लिए एचएसजीएमसी द्वारा 70 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की बात कह रहे हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। बाबा कर्मजीत सिंह ने बताया कि ये वे कर्मचारी हैं, जिनकी ड्यूटी गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब पातशाही दसवीं पंचकूला में थी, मगर वे सभी एसजीपीसी के साथ काम करना चाहते हैं, परंतु एसजीपीसी उनकी नौकरी जारी रखने की बजाए एचएसजीएमसी का कसूर निकाल रही है।
एचएसजीएमसी महासचिव गुरविंदर सिंह धमीजा ने बताया कि जिन कर्मचारियों का जिक्र कर एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी एडवोकेट राजनीति कर रहे हैं। वे सभी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के अधीन ही कार्य करने के इच्छुक है। इसलिए वे सभी अमृतसर गए थे, लेकिन एसजीपीसी द्वारा उनकी कोई भी सुनवाई नहीं की गई, इसलिए अब वे धरने पर बैठे हैं। एसजीपीसी द्वारा अब इस मुद्दे पर हरियाणा कमेटी का नाम बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा कमेटी द्वारा राज्य के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल की गई थी, तो सभी कर्मचारियों से उनके साथ कार्य करने या न करने का विकल्प दिया गया था, मगर धरना दे रहे कर्मचारियों ने एसजीपीसी के साथ ही काम करने की इच्छा जताई थी।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी द्वारा दुष्प्रचार किया गया था कि हरियाणा कमेटी तीन महीने का वेतन भी कर्मचारियों को नहीं दे पाएगी, मगर एचएसजीएमसी द्वारा एक मार्च को ही फरवरी महीने का वेतन सभी कर्मचारियों को दे दिया गया था और अब मार्च महीने का वेतन भी दे दिया गया है।