कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में सात क्विंटल फूलों से होली खेली जाएगी। इसके लिए मंदिर प्रशासन की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस्कॉन के श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में होली खेलने के लिए मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। फूलों की होली के पूर्व, 10 से 14 मार्च तक, साक्षी गोपाल के द्वारा गौर कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। भगवान चैतन्य महाप्रभु के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में यह कथा की जा रही है, जिसमें कल की कथा में साक्षी गोपाल ने बताया कि चैतन्य महाप्रभु जो राधा कृष्ण का अवतार लेकर आए हैं पतित जीवों का उद्धार करने के लिए आए हैं। भगवान श्री कृष्ण जी की प्रेम भक्ति के बिना मानव जीवन बेकार है क्योंकि जो भगवान कृष्ण की प्रेमा भक्ति करता है वहीं भगवान के धाम गोलोक वृंदावन जा सकते हैं।
भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को कह रहे हैं कि हे अर्जुन जो अपने मनमानी ढंग से भक्ति करता है उससे भगवान की प्राप्ति होने वाली नहीं है। जो भगवान चैतन्य महाप्रभु का अनुशरण करता है वह भगवान के धाम गोलोक वृंदावन जाने का अधिकारी बन जाता है। चैतन्य महाप्रभु गोलोक वृंदावन का प्रेम धन है हरिनाम संकीर्तन देने के लिए आए है और इनको संकीर्तन यज्ञ का पिता भी कहा जाता है। कथा के उपरांत लगभग 250 भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।