कुरुक्षेत्र। गांव अमीन के रहने वाले मंगत राम को चेक बाउंस के मामले में सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने बरी कर दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच पूर्ण समझौता होने पर धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषसिद्धि और सजा का आदेश रद्द कर दिया। आरोपी मंगत राम ने शिकायतकर्ता को पूरी तय राशि का भुगतान कर दिया है।
अमीन गांव के समय सिंह ने मंगत राम के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। निचली अदालत ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास ने 7 जनवरी 2023 को दोषसिद्धि और 10 जनवरी 2023 को सजा का आदेश देते हुए मंगत राम को एक वर्ष की साधारण कैद और चेक राशि के दोगुने मुआवजे की सजा सुनाई थी। मंगत राम ने इस फैसले के खिलाफ सत्र अदालत में अपील दायर की थी।
अपील की सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष आपसी समझौते पर पहुंच गए। समझौता डीड के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को तय राशि का पूरा भुगतान कर दिया है। इसके बाद आरोपी को बरी करने पर सहमति जताई। सत्र न्यायाधीश ने धारा 147 एनआई एक्ट के तहत अपराध को कंपाउंड करने की अनुमति देते हुए कहा कि चेक बाउंस का अपराध कंपाउंडेबल है। निचली अदालत का दोषसिद्धि और सजा का आदेश रद्द कर दिया गया।