कुरुक्षेत्र। पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा को मां भद्रकाली का स्वरूप भेंट करते पीठाधीश सतपाल श
कुरुक्षेत्र। गो माता की सेवा करने से मां की सेवा करने के बराबर फल मिलता है। इसलिए गाय को बेसहारा छोड़ने की बजाय सभी को सेवा करनी चाहिए। इसको पवित्र ग्रंथ गीता में समझाने का प्रयास किया गया है।
यह बात पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा ने शनिवार देर शाम को भद्रकाली शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना के बाद कही। इससे पहले पर्यटन मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा को भद्रकाली शक्तिपीठ के पीठाधीश सतपाल शर्मा ने परंपरा अनुसार मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना कराई। पीठाधीश ने उनको स्मृति चिह्न भी भेंट किया। उन्होंने बह्मसरोवर के साथ गीता ज्ञान संस्थानम् का अवलोकन भी किया।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन करने से सकारात्मक तरंग महसूस हो रही है। पवित्र ग्रंथ गीता को घर-घर तक पहुंचाने और आमजन मानस को गीता को अपनाने के प्रयास प्रदेश सरकार की तरफ से किए जा रहे हैं। इस पावन धरा से मानवता को गीता के उपदेश मिल रहे हैं। संवाद