एसएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि आजादी के बाद सब कुछ अलग हो चुका है। कमेटी भी अलग बननी चाहिए। विभिन्न प्रांतों में अलग कमेटियां बन चुकी हैं।
अब हरियाणा में भी अलग कमेटी का गठन हो चुका है। इसका वजूद सरकार ने तय किया है। ताकि हरियाणा के गुरुद्वारों का बेहतर ढंग से प्रबंध राज्य के सिख कर सकें।
झींडा के अनुसार विभाजन के बाद 173 गुरुद्वारे पाकिस्तान में चले गए। विभाजन से पहले इनका प्रबंध एसजीपीसी के हाथों में था। उन्होंने कहा कि क्या आज इन गुरुद्वारों का प्रबंध एसजीपीसी देख रही है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय में लिए फैसले, आजाद भारत में लागू नहीं हो सकते। जिन राज्यों ने अलग कमेटी का मद्दा उठाया वहां आज अलग गुरुद्वारा प्रबंध कमेटियां कार्य देख रही हैं।
पंजाब से दस बसें और भेजने की तैयारी
एसएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि पंजाब से हरियाणा के लिए हथियारबंद संगत के जत्थे भेजने की तैयारी की जा रही है।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के बादल के मनसूबों को सफल नहीं होंने देंगे। डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा में मीटिंग के बाद जगदीश सिंह झींडा इस मामले में डीसी निखिल गजराज से मिले। उनके साथ महासचिव जोगा सिंह, हरमनप्रीत सिंह भी मौजूद थे।
डीसी से मुलाकात के बाद झींडा ने कहा कि पता चला है पंजाब से हरियाणा में 10 बसें भेजी जा रही हैं, जिसे रोकने की मांग उनके प्रतिनिधिमंडल ने की है।
झींडा ने बताया कि डीसी ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। जब उन्हें बताया गया है कि बीबी जगीर कौर व अन्य एसजीपीसी अधिकारी एचएसजीएमसी के कब्जे से गुरुद्वारा साहिबान को मुक्त कराने की मांग की है, तो झींडा ने कहा कि शायद बीबी जगीर कौर को मालूम नहीं कि सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति के आदेश जारी किए हैं।
वहीं बीबी जागीर कौर ने घटना को एक लूटपाट की घटना की संज्ञा दी। बीबी जागीर कौर ने कहा कि वे प्रशासन का रुख देख रहीं हैं। छह अगस्त को हुई घटना की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। अगर शिकायत पर कार्रवाई नहीं की तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
प्रशासन को अब याद आई धारा-144
सड़क जाम, उपद्रव, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ने की नौबत आने के बाद प्रशासन को अब जाकर धारा-144 की याद आई,जब माहौल शांत हो चुका है।
हालांकि तनाव की स्थिति अभी भी बरकरार है। गुरुद्वारे के बाहर धारा-144 लगाने की आवश्यकता अभी भी है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि पिछले पांच दिन तक जब सड़कों पर मोरचा लगा रहा, रिवाल्वर, तलवारें और अन्य घातक हथियार सड़कों पर लहराए जाते रहे। उस वक्त धारा-144 को प्रशासन कैसे भूल गया था।
दरअसल इन सवालों का उत्तर देने में प्रशासन कतरा रहा है। प्रशासन इन बातों का जवाब देने के नाम पर सिर्फ इतना कह रहा है कि उन्होंने पुख्ता प्रबंध किए थे और आवश्यता के अनुसार कार्रवाई हुई है।
ये हैं डीसी के आदेश
अब बृहस्पतिवार को छठे दिन जब हालात सामान्य हुए। डीसी निखिल गजराज ने छठी पातशाही गुरुद्वारा की 100 मीटर परिधि में धारा-144 लगाने के आदेश दिए।
गजराज के मुताबिक 6 अगस्त से छठी पातशाही गुरुद्वारे की 100 मीटर की परिधि में किसी भी व्यक्ति को बंदूक और अन्य प्रकार के हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
अगर कोई व्यक्ति इन आदेशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एचएसजीएमसी ने मर्यादा को भंग किया
बीबी जगीर कौर ने कहा कि कुरुक्षेत्र, चीका (कैथल), यमुनानगर में एचएसजीएमसी के नेताओं ने गुरुघर की मर्यादा को भंग किया है। उन्हें इसकी सजा अकाल तख्त देगा।
उन्होंने कहा कि वे बलपूर्वक भी उक्त गुरुघरों का प्रबंध अपने हाथों मे ले सकते हैं, लेकिन ये इससे कानून व्यवस्था बिगड़ेगी।
एसजीपीसी ने निर्णय लिया है कि वे प्रशासन की मदद से आगामी कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा। बीबी जागीर कौर ने कहा कि एचएसजीएमसी को संविधान, अकाल तख्त, गुरुघर और सिख पंथ किसी की परवाह नहीं है।