सेक्टर तीन और तीस में पीलिया से दस दिनों में सात माह की गर्भवती सहित तीन लोगों की मौत और प्रतिदिन दोनों सेक्टरों में बढ़ रहे मरीजों के मामले में संज्ञान लेते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने जिले में विभाग के एक्सईएन समेत चार अधिकारियों पर गाज गिरी है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने जहां एक्सईएन रोहिताश्व हुड्डा को चार्जशीट किया है। वहीं एसडीओ शीतल गर्ग को चार्जशीट करने के साथ उनका तबादला करनाल कर दिया है। इसके अलावा जेई नरेंद्र को चार्जशीट करने के साथ उनका तबादला रोहतक और सुपरवाइजर रामपाल को चार्जशीट करने के साथ ही उनका तबादला हिसार कर दिया है। वहीं वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे पीलिया से ग्रस्त मरीजों का आंकड़ा आए दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे सेक्टरवासियों में दहशत बनी हुई है। पीलिया के कारण गत दस दिनों में सात माह की गर्भवती सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच के बाद वीरवार को चार नये मामले सामने आए है। मरीजों का आंकड़ा 88 तक पहुंच गया है, जबकि सेक्टर तीस में भी पीलिया से पीड़ित दो मरीज पाए गए हैं। उधर, मृतक के परिजनों ने प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाले 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की राशि को भी ठुकराते हुए कहा कि हमें भीख नहीं चाहिए, सरकार जनमानस के स्वास्थ्य की फिक्र करें और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में किसी की जान से खिलवाड़ न हो। कहा कि सेक्टरवासी पूछ रहे हैं सरकार और जिला प्रशासन आखिर कब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा ? बता दें कि सेक्टर-3 में पिछले कई दिनों से फर्नीचर का काम कर रहे गांव रामगढ़ निवासी रामफल और सेक्टर निवासी छात्र प्रदीप भी सेक्टर-4 स्थित पॉली क्लीनिक में उपचाराधीन है। सुबह सेक्टर-3 में स्थिति का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम अश्विनी मलिक ने एचएसवीपी के एक्सईएन रोहताश हुड्डा से लीकेज संबंधित जबाव तलब किया और एक्सईएन द्वारा पत्रकारों को अपना परिचय न देने पर एसडीएम ने एक्सईएन को लताड़ लगाई।
सुबह से सेक्टर-4 की पेयजल सप्लाई बंद, सेक्टर्स से 13 सैंपल मिले अनफिट
सेक्टर में फैली महामारी को देखते हुए प्रशासन की ओर से वीरवार सुबह से सेक्टर-4 में पेयजल की सप्लाई को पूर्णत: बंद किया गया, क्योंकि गत दिवस सेक्टर में दूषित पेयजल आया था, जबकि सेक्टर-3 में सेक्टरवासियों के लिए अतिरिक्त पेयजल की व्यवस्था की गई, लेकिन सेक्टर में कई ब्लॉक ऐसे थे, जहां वीरवार को भी पेयजल की कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग एवं जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को सेक्टर-2, तीन, चार और तीस में अलग-अलग जगह से पानी के 86 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 13 अनफिट मिले, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के अन्य सैंपल भरके जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं।
जनस्वास्थ्य का लेना पड़ा सहारा, वीरवार को मिली सात जगह लीकेज
सेक्टर में पीलिया के कहर पर लगाम कसने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को भी मैदान में उतरना पड़ा। वीरवार को जनस्वास्थ्य विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से पानी के सैंपल भरें। इसके अलावा गठित की गई टीमों को निरीक्षण के दौरान सेक्टर-2, 3,4 और 30 में सात लीकेज मिली, जिन्हें दुरुस्त कराया गया।
पीलिया की ग्रस्त में आई छात्रा, परीक्षा देने से रही वंचित
सेक्टर-3 निवासी सुनिता ने बताया कि उसकी दोनों बेटियां दीक्षा और किरण पिछले कई दिनों से पीलिया की चपेट में आई हुई है, जिनका शहर के एक निजी अस्पताल से उपचार चला हुआ था। बताया कि बीएससी की पढ़ाई कर रही दीक्षा करनाल कॉलेज नहीं जा सकती, जबकि कक्षा 12वीं में पढ़ाई कर रही उसकी छोटी बेटी किरण को तो परीक्षा देने से वंचित रह गई। सुनीता ने कहा कि वह चार माह पहले दूषित पानी की शिकायत एचएसवीपी के अधिकारियों को कर चुकी थी,लेकिन किसी भी अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया। जब सेक्टर में घर-घर पीलिया से ग्रस्त मरीज पड़ा है,तब जाकर अधिकारियों की नींद खुली है।
जनसंघर्ष मंच ने प्रदर्शन कर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
जनसंघर्ष मंच हरियाणा ने सेक्टर-3 में दूषित पेयजल की सप्लाई से फैली पीलिया की महामारी से पीड़ित मरीजों व इससे हुई मौतो के खिलाफ उपायुक्त निवास पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच ने उपायुक्त को लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और सेक्टर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने की मांग की। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
बरसाती पानी की लाइन में सीवरेज के मिले दो कनेक्शन
सेक्टर-3 में जांच के दौरान 2 कनेक्शन ऐसे मिले, जिनका कनेक्शन सीवरेज की बजाय बरसाती पानी की लाइन में किया गया था, जो लीकेज होकर पेयजल को दूषित कर रहा था। एचएसवीपी का तर्क है कि ऐसे कनेक्शनों के चलते ही यह बीमारी फैली है। बताया गया है कि 16 मई 2016 को अंतिम बार बरसाती पानी की लाइन की सफाई की गई थी।