सरस्वती तीर्थ पर चौदस पर प्रशासन की सख्ती के चलते दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को बगैर पिंडदान कराए ही वापिस लौटना पड़ा। श्रद्धालुओं को तीर्थ से दूर रखने के लिए तीर्थ पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि कई श्रद्धालु पुलिस को चकमा देकर तीर्थ पर पिंडदान कराने जरूर पहुंचे, लेकिन तीर्थ पर पुरोहितों की दुकानें बंद देखकर उनको निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
यहां बता दें अमावस को लेकर प्रशासन की ओर से मंगलवार व बुधवार को सरस्वती तीर्थ और आस-पास के क्षेत्र में पूजा अर्चना, पिंडदान और धार्मिक अनुष्ठान करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके साथ ही धारा 144 भी लगाई गई थी, जिसे लेकर प्रशासन काफी सख्त नजर दिखा। हालांकि सुबह नौ बजे से पहले कई श्रद्धालुओं ने तीर्थ के आसपास पूूजा अर्चना भी कराई, जिसकी भनक लगते ही एसडीएम सोनू राम, तहसीलदार चेतना चौधरी, पालिका सचिव अंकुर पराशर, सिटी थाना प्रभारी जगदीश सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने एक तीर्थ पुरोहित को उसकी दुकान पर श्रद्धालुओं को उनकी वंशावली सुनाते हुए रंगे हाथ काबू किया। एसडीएम सोनू राम ने बताया कि पिहोवा में पिछले कई दिनों से कोरोना के संक्रमण बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाना और संक्रमण के फैलाव को रोकना प्रशासन का कर्तव्य है। जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरस्वती तीर्थ व आसपास धार्मिक अनुष्ठान व पूजा अर्चना पर पाबंदी लगाई गई है। इसके अवहेलना करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, पिंडदान कराने के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर बनी रही। बाहर से आने वाले लोगों से सख्ती से पूछताछ की गई। शक होने पर श्रद्धालुओं को वापस भेज दिया गया।
आज भी जारी रहेगा प्रतिबंध
आज बुधवार को भी प्रशासन की ओर से सरस्वती तीर्थ व इसके पास पूजा अर्चना करने पर पूर्ण पाबंदी रहेंगी। इसके साथ-साथ शहर की दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। बता दें पिछले महीने सोमवती अमावस पर कई बाहरी ब्राह्मणों ने अन्य स्थानों पर पिंडदान कराए थे, जिसके बाद पुरोहित वर्ग ने प्रशासन से व्यवस्था बनाने की गुहार लगाई थी।
कुरुक्षेत्र में लगा श्रद्धालुओं का तांता
पिहोवा में प्रशासन की सख्ती के चलते तीर्थ और आसपास की दुकान बंद रही, वहीं कुरुक्षेत्र के सन्निहित और ब्रह्मसरोवर पर श्रद्धालु का तांता लगा रहा। कई श्रद्धालुओं ने इन तीर्थ स्थल पर पहुंचकर अनुष्ठान में हिस्सा लिया।