कुरुक्षेत्र। सीजन के अंतिम दिन थानेसर अनाजमंडी में आई धान की ढेरी। संवाद
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन व प्रशासन के बीच टकराव व विवाद के बीच शुक्रवार को धान खरीद का सीजन संपन्न हो गया है। पूरे सीजन के दौरान 10 लाख 653 एमटी धान की खरीद की गई जबकि अंतिम दिन 351 एमटी धान खरीदा गया। इस बार पिछले साल के मुकाबले बेहद कम अंतर रहा। पिछले साल 15 नवंबर तक 10 लाख 29 हजार 433 एमटी धान खरीदा गया था और 15 नवंबर को ही 771 एमटी धान की खरीद हुई थी।
इस बार 22 सितंबर को धान खरीद शुरू की गई थी जिसके लिए जिलेभर में सात बड़ी अनाजमंडियों के साथ 22 खरीद केंद्र बनाए गए थे। सीजन की शुरुआत में ही विवाद शुरू हो गए थे। पहले जहां भाकियू जल्द खरीद की मांग पर सड़कों पर उतरी थी और बाद में नमी की आड़ में घोटाला किए जाने के आरोप भी लगाए। यही नहीं खरीद व उठान न करने पर भी खूब विवाद हुआ। यहां तक कि भाकियू ने आंदोलन चलाया और जिला सचिवालय तक धान की ट्राॅली लेकर पहुंचे, जहां भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी की ओर से डीएफएससी को थप्पड़ तक जड़ दिया गया था जिसके बाद इस विवाद ने तूल पकड़ लिया था और मामला भी दर्ज हुआ। हालांकि मामला अभी प्रक्रिया में है लेकिन किसानों का गुस्सा सीजन निपटने के दौरान भी रहा। किसानों ने राइस सेलरों में वेरिफिकेशन के नाम पर औपचारिकता व बाहरी धान शामिल किए जाने के भी आरोप लगाए जिससे यूनियन व राइस मिल संचालक भी आमने-सामने रहे।
अब अनाज मंडियों में दिखाई देने लगा सूनापन
अनाज मंडियों में सरकारी तौर पर धान खरीद सीजन 15 नवंबर को पूरा हो चुका है जिसके चलते अब पीआर किस्म की धान की आवक भी पूरी हो चुकी है। 100 फीसदी उठान कर लिया गया और 1907 करोड़ 69 लाख 79 हजार 975 रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। अब अनाज मंडियों में बासमती किस्म की ही कुछ आवक रह गई है जिसके चलते सूनापन सा दिखाई देने लगा है। डीएफएससी राजेश कुमार का कहना है कि सरकारी तौर पर धान सीजन निपट चुका है। अब जो धान की आवक हो रही है उसे प्राइवेट खरीदार ही खरीद रहे हैं।
कुरुक्षेत्र। सीजन के अंतिम दिन थानेसर अनाजमंडी में आई धान की ढेरी। संवाद