शाहाबाद। गांव रावा आयोजित निक्षय शिविर शिविर में हिस्सा लेते ग्रामीण। विज्ञप्ति
शाहाबाद। कलसाना स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकों और कर्मचारियों द्वारा गांव रावा में निक्षय शिविर लगाया गया। मेडिकल अफसर डॉ. सचिन सैनी ने 202 ग्रामीणों की जांच की और उसके बाद 66 ग्रामीणों के सैंपल लिए। चिकित्सक ने बताया कि अगर इनमें से कोई भी टीबी का मरीज पाया जाता है तो उसे निशुल्क परामर्श मिलेगा और उसकी दवाई भी बिल्कुल निशुल्क रहेगी। चिकित्सक नेहा, कोआर्डिनेटर सरिता, कर्मचारी नितिन कटारिया ने ग्रामीणों को क्षय रोग से बचने के उपाय बताए।
चिकित्सक नेहा ने ग्रामीणों को बताया कि जिस किसी को भी दो सप्ताह से लगातार खांसी है, रात में बुखार रहता है, निरंतर वजन कम हो रहा है, बलगम में खून आना जैसे लक्षण है, वह टीबी रोगी हो सकता है। इसलिए उसे जल्द निकटवर्ती सरकारी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए और जल्द जरूरी परामर्श लेकर स्वस्थ होना चाहिए। शिविर में निकटवर्ती गांव की आशा कर्मियों का भी पूरा सहयोग रहा।
निक्षय मित्र बनें और टीबी के मरीजों को ज्यादा से ज्यादा लें गोद : सुभाष कलसाना
उधर 100 दिन चलने वाले इस शिविर के बारे में जानकारी देने के लिए भाजपा नेता सुभाष कलसाना ने भी कार्यकर्ताओं की बैठक ली। कलसाना ने मीडिया के माध्यम से लोगों से निक्षण मित्र बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि निक्षण मित्र टीबी के मरीजों को ज्यादा से ज्यादा गोद लें। सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली राशि 500 से बढ़ाकर एक नवंबर से एक हजार रुपये कर दी है। भाजपा नेता ने बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। इसलिए कार्यकर्ताओं को अपने-अपने गांव में टीबी से ग्रसित लोगों की पहचान करनी होगी और उन्हें रोग मुक्त रहने के लिए जागरूक करना होगा।