आगामी शैक्षणिक वर्ष में 50 विद्यालयों में साल भर पहली कक्षा के बच्चे बिना बस्ते के ही आएंगे। उनकी पुस्तकें स्कूल में ही रखी जाएंगी। इन स्कूलों की पहचान कर ली गई है और प्रयोग सफल रहा तो इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। ये बातें अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा विभाग पीके दास ने कही। वे रविवार को हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से केयू के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित कक्षा तत्परता कार्यक्रम की मंडल स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों को अधिक तनावमुक्त व ज्वायफुल करना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, ताकि बच्चों की शिक्षा व शिक्षण में रुचि बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बच्चों को कठोर दंड देना अमानवीय है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पढ़ाई का उद्देश्य केवल सूचनाएं व जानकारी इकट्ठा करना नहीं हैं, शिक्षा तभी सफल जब विद्यार्थी में उसकी आयु के अनुरुप सोचने की क्षमता विकसित हो। छात्र का अपना एक अभिमत विकसित हो। एसीएस पीके दास ने कहा कि शिक्षा के 3 स्तर हैं जिन्हें व्यवस्थित ढंग से विकसित करना अध्यापक का कार्य हैं। पहला चरण सोचना, दूसरा उसे अभिव्यक्त करना और तीसरा चरण उस ज्ञान को कार्यान्वित करना हैं। हमें स्कूलों में भावी नागरिक तैयार करने हैं जो समाज के प्रति जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के विद्यालयों में शनिवार का दिन बैग फ्री, ज्वायफुल सटर्डे के रुप में पिछले कुछ महीनों से मनाया जा रहा हैं, जिसके बेहतर परिणाम आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में बेहतर माहौल देने के लिए शैक्षणिक सत्र के आरंभ प्रवेश उत्सव पूरी भव्यता से मनाए जाए तथा अप्रैल का महीना कक्षा तत्परता कार्यक्रम के तहत खेल-खेल में पढ़ाई पर केंद्रित हों। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा शुरू की गई बेटी बचाओ-बचाओ पढ़ाओ, बेटी का सलाम राष्ट्र के नाम, ज्वायफुल सटर्डे, क्वीज क्लब, कैचअप प्रोग्राम को गंभीरता से लागू करें।
इससे पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य ने भी विचार व्यक्त किए तो वहीं विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। खंड शिक्षा अधिकारी प्रेम पूनिया, महेंद्र सिंह, अशिन्द्र कुमार, मनोज लाकरा व प्रमोद शर्मा ने ज्वायफुल एक्टीविटी पर शिक्षा अधिकारी, प्राध्यापक, अध्यापक व छात्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला। नंद किशोर व प्रमोद शर्मा ने प्रवेश उत्सव, मनोज कौशिक व एससीईआरटी गुरुग्राम की टीम ने कैचअप एवं स्कील पासबुक तथा सुरेंद्र संधु ने मासिक परीक्षा व सुरेंद्र पूनिया से क्वीज क्लब की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर शिक्षा परियोजना परिषद के एसपीडी एसएस फुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी सुमन आर्य, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी परमिन्द्र कौर, डीपीसी अरुण आश्री, डिप्टी डीईओ सतनाम सिंह व नमिता कौशिक, डा. राममेहर अत्री तथा अम्बाला, पंचकुला, कैथल, यमुनानगर जिलों के शिक्षा अधिकारी व प्राचार्या मौजूद थे।