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Haryana: सर्वखाप अधिवेशन में लगी पांच एजेंडों पर मुहर, गांव, गौत्र व गुहांड में शादी को नहीं माना जाएगा वैध

Sun, 14 Jun 2026 08:01 PM IST
मयूर शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र

सार

तीन दिवसीय चिंतन शिविर में लगी पांच एजेंडों पर मुहर, गांव, गोत्र, गुहांड में शादी को न माना जाए वैध, हिंदू मैरिज एक्ट में हो बदलाव-लिव इन पर लगे पाबंदी, सरकारी सरंक्षण व सुविधा हो बंद, समलैंगिंकता पर भी उठाए सवाल
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कुरुक्षेत्र में चिंतन शिविर व सर्वखाप अधिवेशन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रविवार को चिंतन शिविर व सर्वखाप अधिवेशन का अंतिम दिन था और तीनों दिन गहन चिंतन, मंथन के बाद लिए फैसलों पर अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला व सभा के प्रधान डॉ. कृष्ण श्योकंद, देशवाल खाप के प्रधान संजय देशवाल, लॉ प्रोफेसर डॉ जोगेंद्र मोर ने पत्रकारवार्ता की, जिसमें उन्होंने बताया कि चिंतन शिविर व अधिवेशन में 250 से ज्यादा खापें, सामाजिक व अन्य संगठन शामिल हुए, जिनकी ओर से इन सभी मुद्दों पर रायसुमारी की गई।
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तीसरे एवं अंतिम दिन अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, समाजशास्त्रियों, मीडिया प्रतिनिधियों, किसान नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर गहन चिंतन-मनन किया। विभिन्न विषय विशेषज्ञों के विचार सुनने एवं व्यापक चर्चा के उपरांत अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

तीसरे दिन आयोजित विशेष सत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट रविंद्र ढुल, शिक्षाविद प्रोफेसर राजेश मलिक, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स, अमित सांगवान (एएजी) तथा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत सहित अनेक खाप प्रधान व अन्य मौजिज लोगों ने अपने विचार रखे और समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर अपने सुझाव दिए।
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युवाओं का नैतिक उत्थान व नशामुक्ति पर जोर

चिंतन शिविर में युवाओं के नैतिक उत्थान एवं नशामुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। प्रस्ताव पारित किया गया कि विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक नैतिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा खाप पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएं। नशे की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया जाए, जिनमें खाप प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए ताकि सरकारी प्रयासों की प्रभावी निगरानी हो सके।

21 सदस्यीय कमेटी हर खाप, संगठन, गांव व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचेगी

फैसला लिया गया कि पारित किए प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए अगले 15 दिन में 21 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रदेश के हर जिला व विभिन्न खाप एवं संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि होंगे। यह कमेटी हर खाप, संगठन, गांव व जनप्रतिनिधयों तक पहुंचेगी और चिंतन शिविर में लिए फैसलों से अवगत करवाते हुए अमल में लाए जाने पर गंभीरता से कदम उठाने के लिए माहौल तैयार किया जाएगा।

लिए गए पांच अहम फैसले
  • हिंदू मैरिज एक्ट में गांव, गौत्र व गुहांड में शादी को मान्यता न दी जाए।
  •  लिव इन रिलेशनशिप को वैध न माना जाए, सरकारी सरंक्षण बंद हो।
  • युवाओं के नैतिक पतन को रोकने के लिए शिक्षण संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम हो, अभियान चलाए जाएं।
  •  किसी भी धर्म, जाति का कोई व्यक्ति अर्मायादित शब्दों का प्रयोग करता है तो उसकी सर्वसमाज की ओर से निंदा हो।
  • कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से किसानों व खापों से मिलकर किसान मेले व प्रदर्शनियां लगाई जाए।
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