कुरुक्षेत्र/बाबैन। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अंबाला और कुरुक्षेत्र की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाबैन के सरपंच और एक उपनिरीक्षक को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से चिह्नित नोट भी बरामद किए। आरोपी सरपंच संजीव सिंगला उर्फ गोल्डी और उपनिरीक्षक जसविंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। वीरवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। दरअसल, आरोपियों ने लड़ाई-झगड़े और डकैती के मामले में कुछ आरोपियों के नाम निकालने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की थी।
अंबाला ब्यूरो के निरीक्षक सोमेश्वर सोलंकी ने बताया कि बाबैन की महिला लखविंद्र कौर ने शिकायत दर्ज कराई थी गांव का सरपंच गोल्डी और उपनिरीक्षक जसविंद्र सिंह लड़ाई-झगड़े और डकैती के मामले में आरोपियों के नाम निकलवाने के लिए 30 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। मामले की सूचना उपायुक्त कुरुक्षेत्र को दी गई, जिसमें उपायुक्त शांतनु शर्मा ने जिला समाज कल्याण विभाग की अधिकारी सुरजीत कौर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। महिला लखविंद्र कौर को 20 हजार रुपये के चिह्नित नोट देकर आरोपियों के पास गांव के पंचायत भवन में भेजा गया। यहां जैसे ही सरपंच और उपनिरीक्षक ने महिला से पैसे लिए तभी टीम ने उनको रंगे हाथ काबू कर लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
आज अदालत में करेंगे दोनों को पेश
इंस्पेक्टर सोमेश्वर सोलंकी ने बताया कि दोनों आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। बाबैन थाने में 10 जनवरी को अजीत सिंह की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले का चालान भी आरोपी जांच अधिकारी उप निरीक्षक जसविंद्र सिंह ने अदालत में पेश नहीं किया था। इसी के चलते वह आरोपियों के नाम निकलवाने के लिए पैसों की मांग कर रहा था।
सरपंच गया था अपने पैसे लेने
सरपंच के चचेरे भाई विश्वजीत ने बताया कि उसका भाई गोल्डी पंचायत घर में अपने 10 हजार रुपये लेने गया था। उसने किसी तरह के पैसे की कोई मांग शिकायतकर्ता से नहीं की थी, बल्कि सरपंच होने के नाते सामाजिक तौर पर दोनों पक्ष में समझौता का परामर्श दिया था।