पिहोवा। एक माह से अधिक समय पहले आॅस्ट्रेलिया में मौत होने के बाद आखिरकार संटी मेहरा का शव अपने गांव मुर्तजापुर टाली फार्म में पहुंच ही गया, जहां उसे अपनी मिट्टी नसीब हो पाई। बेहद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
जैसे ही शव घर पहुंचा तो पूरे परिवार में मातम पसर गया। परिजनों ने पहले उसे बड़ी उम्मीदों के साथ कर्ज लेकर विदेश भेजा था और अब कर्ज लेकर ही शव मंगवाना पड़ा। मृतक के भाई बंटी ने बताया कि 2016 में उसका छोटा भाई संटी पुर्तगाल गया था। उसे वहां की नागरिकता मिल चुकी थी। कुछ समय में उसे रेड पासपोर्ट मिलने वाला था।
पुर्तगाल जाने के बाद संटी एक बार भी घर नहीं आया। 24 जनवरी को उसे अपने देश लौटना था। 21 जनवरी को वह परिवार के लोगों के लिए शॉपिंग करने के लिए ऑस्ट्रिया गया था। वहां वह फोन पर अपनी मां, भाभी और भतीजी से बात कर रहा था। बात करते-करते अचानक संटी के हाथ और पैर सुन्न हो गए। उसकी चीख निकली और फोन में आवाज आनी बंद हो गई। परिवार के लोगों ने उसके दोस्तों को घटना के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने करीब 23 बार लगातार संटी को कॉल किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। उन्होंने मैसेज भी भेजे, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आया।
परिवार ने संटी के दोस्तों को उसे देखने के लिए भेजा। घटना के चार से पांच घंटे के बाद जब संटी के दोस्त कमरे पर पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। संटी के हाथ में उसका मोबाइल था। दोस्तों ने इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी।