धर्मनगरी के प्रमुख ऐतिहासिक और पौराणिक तीर्थ सन्निहित से नजर हटाकर सो रहे कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की आंखें खुल चुकी है। अधिकारियों के अलावा राज्य सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के नवनियुक्त मानद सचिव अशोक सुखीजा ने पूरे हालात का जायजा लिया। इन्होंने सन्निहित तीर्थ की बदहाली के लिए जिम्मेदार लोगों को फटकार लगाई। यहां बता दें कि 8 मार्च 2017 को अमर उजाला में प्रमुख तीर्थ सन्निहित के बदतर हुए हालात पर प्रमुखता से रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर एवं सिटी मजिस्ट्रेट गौरव अंतिल ने यह मामला संज्ञान में आते ही मौके जायजा लेने का आश्वासन भी दिया था। इस खबर का असर चंद घंटों में तब दिखा, जब करीब 12 लोगों की टीम सरोवर को चकाचक बनाने में मुस्तैद नजर आई और जो कार्य अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती उत्सव के दौरान और इस महोत्सव से महीनों पहले नहीं हुआ था वो समाचार प्रकाशित होने के चंद घंटे के बाद शुरू हो गया।
दो दिन पहले तक लाल और सफेद पत्थर से बने सन्निहित सरोवर के घाट और जो सीढ़ियां दो दिन पहले तक काले-पीले और हरे होने के साथ गंदगीयुक्त दिख दे रहे थे। इनमें से एक घाट वीरवार शाम तक चकाचक कर दिया या था, जबकि दुखभंजन मंदिर की ओर सन्निहित तीर्थ में काई, दलदल और गंदगी के अंबार इतने अधिक मात्रा में लगे हैं कि उसे साफ करने में अभी कम से कम एक सप्ताह लगेगा।
इससे लगा सकते हैं तीर्थ में गंदगी का अंदाजा
दुखभंजन महादेव और काली माता मंदिर की ओर वाले सन्निहित तीर्थ के हिस्से में दलदल, गंदगी और काई के अंबार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वीरवार को यहां सिर्फ एक कोना साफ करने में कई रेहड़ियां गंदगी की भर गई। हालांकि अभी बहुत बड़ा हिस्सा साफ होना शेष है। पूरे हालात का जायजा लेने के बाद केडीबी के मानद सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन तीर्थों की रुटीन में मानिटरिंग की जाए, ताकि दुबारा ऐसे हालात पैदा ना हो।
और केडीबी के सवाल पर साध ली चुप्पी
केडीबी के मानद सचिव अशोक सुखीजा ने सफाई सुपरवाइजर को फटकार लगाते हुए पूछा कि अब तक सफाई क्यों नहीं नहीं की थी? इसके जवाब में सफाई सुपरवाइजर ने अटपटा जवाब देते हुए कहा जनाब प्रतिदिन करते हैं। मानद सचिव भी यहीं नहीं रुके और सफाई सुपरवाइजर को वे कौने और पुरानी गंदगी के ढेर दिखाते हुए सवाल किया कि क्या यह एक दिन की गंदगी है ? इस पर सफाई सुपरवाइजर ने चुप्पी साध ली।
बोर्ड के सचिव ने अमर उजाला का जताया आभार
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव अशोक सुखीजा ने कहा कि मीडिया का दायित्व सच्चाई को सामने लाना होता है। सकारात्मक आलोचना का सरकार स्वागत करती है। सन्निहित तीर्थ कुरुक्षेत्र का प्रमुख तीर्थ है और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने अमर उजाला का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस भी स्तर लापरवाही हुई, वह भविष्य में ना हो, इसका हर संभव प्रयास होगा।
केडीबी द्वारा बनवाए गए तीर्थ पुरोहित का भी लिया जायजा
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड मानद सचिव ने सन्निहित के तट पर स्थित तीर्थ पुरोहित सदन का जायजा लेने के साथ जर्जर हुए इस भवन परिसर, टायलेट, बाथरुम, कमरों इत्यादि के फोटो अपने मोबाइल कैमरों में लिए। गौरतलब है कि इस भवन के
निर्माण में बरती गई खामियों के सामने आने पर केडीबी के अध्यक्ष एवं हरियाणा के राज्यपाल 2015 में कार्रवाई के आदेश दे चुके हैं। करीब 56 लाख की लागत से यह भवन केडीबी ने लोक निर्माण विभाग से बनवाया था।
बगैर बत्ती की गाड़ी और बिना सरकारी अमले के पहुंचे थे सचिव
जब सन्निहित तीर्थ पर बोर्ड के मानद सचिव पहुंचे तो वह बगैर बत्ती वाली गाड़ी में थे और इसे ना तो सरकारी ड्राइवर नहीं वह खुद ड्राईव करके सन्निहित पहुंचे थे, उनके साथ ना कोई सरकारी अमला था और ना ही केडीबी का कोई सदस्य या अधिकारी और कर्मचारी। उन्होंने हर उस उस जगह का फोटो लिया, जहां घोर लापरवाही और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं दिख रही थी। बताया गया है कि यह पूरी रिपोर्ट हरियाणा के राज्यपाल एवं अध्यक्ष प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजी जाएगी।