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सन्निहित की घटना के बाद आठ बिंदुओं पर मांगा उत्तर

Thu, 30 Mar 2017 12:23 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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जो दीवार मंगलवार को तीर्थ यात्रियों पर ढह गई थी, वह हरियाणा सरकार के वास्तुकार द्वारा तैयार किए सन्निहित सरोवर के नक्शे को नजरंदाज करके बनाई गई थी। अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार सन्निहित सरोवर और इसके घाटों को जिस वास्तुकार ने डिजाइन किया था, उसके अनुसार वो दीवार बन ही नहीं सकती थी, जिसके गिरने से मंगलवार को मथुरा से आए करीब 21 यात्री जख्मी हुए थे। बहरहाल यह जांच का विषय है और इस बिंदु पर अब जांच खुल चुकी है। बता दें कि इस घटना की सूचना अमर उजाला को 11 बजे मिली थी।
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मौके पर पहुंचने पर घायलों और तीर्थ पुरोहितों ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की जमकर पोल खोली और खुलकर आरोप लगाए थे। इस घटना के चार घंटे बाद तक जिला प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों को चैत्र अमावस्या पर स्नान के लिए आए यात्रियों पर दीवार गिरने का पता नहीं चला था। इस घटना के करीब चार घंटे बाद इसकी जानकारी कुरुक्षेत्र केडीबी दफ्तर में पहुंचे पर्यटन मंत्री रामबिलास को दी गई थी। जिसके बाद पर्यटन मंत्री ब्रह्मसरोवर के वाटर प्रोजेक्ट का मुआयना का प्रोग्राम रद कर सन्निहित सरोवर पूरे काफिले के साथ पहुंचे थे। यहां के हालात देख पर्यटन मंत्री ने मौके पर ही डीसी को जांच के आदेश दिए थे,जिसका असर अब दिखने लगा है। बता दें कि डीसी सुमेधा कटारिया ने इस मामले पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर और सिटी मजिस्ट्रेट गौरव अंतिल से लिखित में जवाब मांगा है कि सन्निहित तीर्थ के घाट पर उक्त दीवार कब बनी, किसने बनवाई और किसकी मंजूरी से बनी?        

केडीबी से डीसी ने मांगा जवाब, किसने दी पहली सूचना           
केडीबी दफ्तर में पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा, प्रशासनिक अधिकारियों, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव अशोक सुखीजा और केडीबी के सीईओ गौरव अंतिल को करीब सवा तीन बजे अमर उजाला ने सन्निहित की घटना के फोटो दिखाते हुए जानकारी दी थी। अब डीसी सुमेधा कटारिया ने केडीबी से लिखित में जवाब तलब किया है कि सन्निहित तीर्थ पर घटना कितने बजे हुई थी? केडीबी को इस घटना की पहली सूचना कितने बजे मिली? और इस घटना की पहली सूचना उन्हें किसने दी?       
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माई सिटी में 26 व 28 मार्च को उठाया था पानी का मुद्दा            
बहरहाल मंगलवार को सन्निहित सरोवर पर जो घटना हुई उसमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की व्यवस्था कटघरे में खड़ी दिख रही है। उल्लेखनीय है कि माई सिटी के पहले पन्ने पर 26 और 28 मार्च 2017 को अमर उजाला ने सन्निहित और ब्रह्मसरोवर पर फैली अव्यवस्था और पानी का उचित प्रबंध ना होने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीसी ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से यह भी जवाब तलब किया है कि तीर्थ पर पानी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई ?
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